पूछताछ में यह बात पता चली है कि हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में एटीएम लूटने वाले गिरोह की बुनियाद जेल में रखी गई थी। आरोपी बदायूं निवासी धर्मराज उर्फ धम्मा व छोटा और इसरार एटीएम लूट की घटनाओं को अंजाम देने से पहले तक छिनैती, लूट, डकैती और वाहन चोरी के विभिन्न मामलों में जेल में बंद थे। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई।
इसके बाद नया गिरोह बनाकर हिमाचल के एटीएम को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। एसपी बद्दी रोहित मालपानी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में इन्होंने बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ के अलावा परवाणू, पंचकूला में एटीएम लूट की घटनाएं कबूली हैं। यूपी, चंडीगढ़ और हरियाणा के रोपण समेत कई जगह पर लूट की वारदातें की हैं। हरियाणा और चंडीगढ़ पुलिस भी इनके पीछे थी।
अब तक की पूछताछ में लूट में इस्तेमाल गैस कटर लीवर, सिलिंडर, हथौड़े की हरियाणा के मोरनी जंगल में बताई जगह से बरामदगी की है। लूट की रकम के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। उससे खरीदी संपत्ति को भी सीज करने पर विचार किया जा रहा है।
लूट की वारदात को आसानी से अंजाम देने के लिए ये लुटेरे वाहनों का इस्तेमाल करते थे। इन वारदातों के लिए ही लुटेरों ने चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों से तीन हांडा सिटी कार चुराई।
हरियाणा और हिमाचल से पिकअप और रिकवरी वैन भी चुराने की बात कबूली है, जिन्हें लूट में इस्तेमाल कर बाद में कहीं भी छोड़ देते थे। दो हांडा सिटी कार यूपी के बदायूं और हिमाचल में सीज की जा चुकी है।