हाईकोर्ट में बुधवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के वकील के पेश न होने पर सुनवाई 24 सितंबर तक के लिए टल गई।
वीरभद्र ने अपने खिलाफ दायर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग संबंधी याचिका के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए इसे खारिज करने का आग्रह किया है।
मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान वीरभद्र के वकील कपिल सिब्बल पेश नहीं हुए। इस पर खंडपीठ ने सुनवाई टाल दी।
वीरभद्र ने हाल ही में पेश पक्ष में तर्क रखा है कि याची प्रशांत भूषण ‘आप’ के सदस्य हैं। भूषण ने हिमाचल में गलत तरीके से भूमि प्राप्त की थी, जिसके विरोध के कारण शत्रुता के तहत उनके खिलाफ याचिका दायर की गई है।
ऐसे में यह याचिका विचार योग्य नहीं है।