मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर पिछले साल के मुकाबले डेढ़ माह पहले एचआरटीसी की बस शुरू हुई है। इसे देश का सबसे ऊंचा बस रूट होने का गौरव प्राप्त है। इस रूट की लंबाई 1,026 किलोमीटर है।
देश की सबसे अधिक ऊंचाई से होकर गुजरने वाली लेह-केलांग-दिल्ली बस रूट पर निगम की बस लेह से 31 सवारियों के साथ दिल्ली रवाना हो गई है। बर्फ से लकदक चार दर्रों से होकर गुजरने वाली निगम की बस का सफर किसी रोमांच से कम नहीं है। बस सेवा शुरू होने से पर्यटकों को दिल्ली से मनाली या फिर केलांग और लेह तक सफर टैक्सी से नहीं करना पड़ेगा। सैलानी सीधे दिल्ली से एक ही बस में सवार होकर आसानी से लेह पहुंचेंगे। टैक्सी के मुकाबले बेहद कम किराये पर पर्यटक 16 से 17,000 फीट ऊंचे बारालाचा और लाचुंगला दर्रों को पार कर लद्दाख पहुंच रहे हैं। पहले ही दिन बस 31 यात्री लेकर लेह से दिल्ली गई।
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मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर पिछले साल के मुकाबले डेढ़ माह पहले एचआरटीसी की बस शुरू हुई है। इसे देश का सबसे ऊंचा बस रूट होने का गौरव प्राप्त है। इस रूट की लंबाई 1,026 किलोमीटर है। केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगल चंद मनेपा ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि लेह-केलांग-दिल्ली रूट पर चल रही बस सेवा कमाऊ साबित होगी। टैक्सी के जरिये दिल्ली से लेह पहुंचने के लिए यात्रियों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन निगम की इस बस में केवल 1,700 रुपये खर्च कर लेह पहुंचा जा सकता है। कहा कि बस रूट में निगम के सबसे अनुभवी और कुशल चालक तैनात किए गए हैं।