हिमाचल में कोरोना की दस्तक को पूरा एक साल हो गया है। लॉकडाउन में लोगों का साहस, धैर्य और कोरोना वॉरियर्स का सेवा भाव देखा। एक साल के कोरोना काल में जन सेवा के कई बड़े उदाहरण देखने को मिले। कोविड अस्पताल घुमारवीं में तैनात स्टाफ नर्स कल्पना ठाकुर का नाम भी इनमें शामिल हैं। कल्पना ठाकुर अपने 10 माह के बेटे को अपनी मां के पास छोड़कर ड्यूटी दे रही थी। इसी दौरान कल्पना की बेटी की टांग फ्रैक्चर हो गई। कल्पना ने परिवार से ज्यादा ड्यूटी को अहमियत दी।
खौफ के बीच होमगार्ड संदेश ने करवाया शवों का संस्कार
सीएच मार्कंडेय में तैनात होमगार्ड संदेश चंदेल ने अपनी जान की परवाह किए बगैर ड्यूटी निभाई। संदेश ने कोविड से मौत होने वाले पांच शवों का अंतिम संस्कार करवाया। संदेश का कहना है कि वह समय हर एक इंसान के लिए खौफ से भरा था। मृतक के परिवार वाले भी कोविड के डर से मृतक के पास जाने से घबराते थे।
कई संस्थाएं भी आईं आगे, हर दिन पांच हजार को खिलाया खाना
बिलासपुर में राम नाटक, नव दुर्गा संकीर्तण मंडल, विश्वकर्मा मंदिर समिति ने रेडक्रॉस के साथ मिलकर हर दिन पांच हजार लोगों को खाना खिलाया। इसमें जरूरतमंदों से लेकर क्वारंटीन किए हुए लोग शामिल थे। नव दुर्गा संकीर्तण मंडल के उपाध्यक्ष अजय चंदेल, विश्वकर्मा मंदिर समिति के प्रधान मदन राणा, राम नाटक समिति के प्रधान नरेंद्र पंडित ने कहा कि कोरोना काल में हर दिन पांच हजार लोगों को खाना खिलाया।