शिमला शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। राजधानी में 24 घंटे पीने का पानी देने की सतलुज पेयजल योजना आखिरकार धरातल पर उतरने जा रही है। संजौली जोन के पांच वार्डों में इसी साल 24 घंटे पानी मिलना शुरू हो जाएगा। संजौली चौक, इंजनघर, सांगटी, शांति विहार और मल्याणा वार्ड के करीब तीन हजार पेयजल उपभोक्ताओं को नवंबर से नियमित पानी देने की तैयारी है। कंपनी के अनुसार इन उपभोक्ताओं को नई पेयजल लाइनों से जोड़ने का काम पूरा कर दिया है। इन्हें संजौली क्षेत्र के कॉर्नर हाउस के पास बने जल भंडारण टैंक से पानी की आपूर्ति दी जाएगी।
अभी इस टैंक के लिए जाखू टैंक से पानी दिया जाता है। अब 24 घंटे पानी देने के लिए इसे संजौली के मुख्य जल भंडारण टैंक से भरा जाएगा। इसके लिए मुख्य टैंक के पास दो पंप स्थापित किए जा रहे हैं। पंप की खरीद के लिए पेयजल कंपनी ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। अक्तूबर के अंत तक पंप खरीद के साथ इसकी टेस्टिंग का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। विश्वबैंक प्रोजेक्ट के पहले चरण में संजौली जोन में 24 घंटे पानी की आपूर्ति देने का लक्ष्य रखा है। कंपनी सांगटी वार्ड में करीब 200 उपभोक्ताओं को 24 घंटे पानी देने का सफल ट्रायल कर चुकी है।
नवंबर से मिलेगा 24 घंटे पानी : महाप्रबंधक
विश्वबैंक प्रोजेक्ट के तहत संजौली जोन के पांच वार्डों में 24 घंटे पेयजल सुविधा देने की तैयारी है। नवंबर से लोगों को इसकी सुविधा मिलेगी। इन उपभोक्ताओं को नई पेयजल लाइनों से जोड़ने का काम पूरा हो चुका है।
-राजेश कश्यप, महाप्रबंधक पेयजल कंपनी शिमला।
मई 2025 तक पूरे शिमला शहर में रोज मिलेगा पानी
शिमला। 1813 करोड़ रुपये के विश्वबैंक पेयजल प्रोजेक्ट से मई 2025 तक पूरे शहर में 24 घंटे पानी मिलने लगेगा। इस प्रोजेक्ट का काम दो चरणों में हो रहा है। पहला चरण शुरू हो चुका है जिसमें शकरोड़ी से शिमला के लिए 22 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जा रही है। साथ ही पंपिंग स्टेशन और जल भंडारण टैंक भी तैयार किए जा रहे हैं। वहीं दूसरे चरण में शिमला शहर में नई पेयजल लाइनें और 40 जल भंडारण टैंक बनेंगे। इसका टेंडर अंतिम दौर में है। इस माह निदेशक मंडल की बैठक में इसे अवार्ड करने की तैयारी है।
ये है प्रोजेक्ट की खासियत
नवंबर से संजौली जोन के उपभोक्ताओं को 24 घंटे पानी
शकरोड़ी से 22 किलोमीटर लाइनबिछाकर संजौली पहुंचेगा सतलुज का पानी
मई 2025 से शहर के सभी 35 हजारों उपभोक्ताओं को 24 घंटे पानी मिलेगा
शहर में बनेंगे 40 स्टोरेज टैंक, करीब 200 किलोमीटर नई लाइनें बिछेंगी
घरों में लगेंगे नए एएमआर मीटर, खुद जारी होंगे पेयजल बिल
शिमला शहर के अलावा साथ लगती पंचायतों को भी मिलेगा पानी
शहर में बरसात के मौसम में अक्सर गाद आने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहती है।
इस योजना के पूरा होने के बाद इस समस्या का भी हल हो जाएगा।
बरसात और गर्मी के मौसम में लोगों को जलसंकट नहीं झेलना पड़ेगा।