हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार अडानी, अंबानी और लदानी से बागवानों को बचाए। प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को कुलदीप राठौर के नेतृत्व और जिला शिमला ग्रामीण अध्यक्ष के यशवंत छाजटा की अध्यक्षता में रिज मैदान पर हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार की प्रतिमा के सामने मौन धरना दिया। धरने में जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रप्रभा नेगी, महिला जिलाध्यक्ष वनिता वर्मा, शिमला ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल शर्मा, ठियोग ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र कंवर, रोहड़ू ब्लॉक अध्यक्ष करतार सिंह कुल्ला और कुसम्पटी ब्लॉक अध्यक्ष राम कृष्ण शांडिल शामिल रहे।
राठौर ने भाजपा सरकार को किसान और बागवान विरोधी बताया। कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार को देश की चिंता नहीं है। प्रदेश में सेब बागवानों की सबसे बड़ी आर्थिकी है। सरकार की उपेक्षा के चलते आज बागवानों की कमर टूट गई है। एक तरफ प्राकृतिक आपदा तो दूसरी तरफ सरकार की बेरुखी से बागवान परेशान हैं। इस बार सेब कार्टन और ट्रे के दाम में बढ़ोतरी न होने के सरकार के वादे के विपरीत मूल्य बढ़ाए गए। सेब के दाम एकाएक गिरना एक बड़ी साजिश है। अडानी, लदानी के पास ऐसे क्या मापदंड हैं, जो उसने सेब के भाव 72 रुपये निर्धारित किए हैं।
अडानी और लदानी बागवानों का खुलकर शोषण कर रहे हैं। राठौर ने कहा कि जब अडानी को प्रदेश में सरकार ने सीए स्टोर खोलने के लिए जमीन दी थी, उस समय इन्हें इसके निर्माण में भारी सब्सिडी दी गई थी। ये बागवानों से सेब सस्ता खरीद कर आगे दोगुना दामों पर बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि बागवानों को लूट से बचाने के लिए अगर सरकार ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस मजबूरन आंदोलन करेगी।
जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर अच्छी क्वालिटी के सेब का तय हो न्यूनतम समर्थन मूल्य
राठौर ने सरकार से जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर अच्छे सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की मांग की। आरोप लगाया कि केसीसी के नाम पर किसानों-बागवानों के साथ धोखा हो रहा है। केसीसी के तहत जब कोई किसान या बागवान ऋण लेता है तो उसकी फसल का बीमा किया जाता है, मगर आपदा या फसल के नुकसान पर किसानों को कोई बीमा राशि या मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।