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4300 करोड़ का टेक्नोमैक घोटाला: एमडी भगोड़ा घोषित

Sun, 21 Jul 2019 12:57 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
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बहुचर्चित 4300 करोड़ रुपये के टेक्नोमैक घोटाले के मुख्य आरोपी एवं कंपनी के एमडी राकेश कुमार शर्मा को नाहन की विशेष अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया। शनिवार को हुई कार्रवाई में कोर्ट ने उसकी सारी संपत्तियों की कुर्की के आदेश भी जारी कर दिए।

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कोर्ट ने यह कार्रवाई कर चोरी से जुड़े मुख्य मामले में की है। वहीं, बिजली बिल घोटाले से जुड़े अन्य मामले में नोटिस चस्पां करने वाले सिपाही के बयान दर्ज कर कोर्ट ने 3 अगस्त की तारीख दे दी है।

अब जांच अधिकारियों का पूरा जोर आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने का है। चूंकि आरोपी देश से बाहर है, ऐसे में सीआईडी मामले में अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद लेने में जुट गई है।
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बता दें कि कंपनी का एमडी राकेश शर्मा पिछले लंबे समय से अंडरग्राउंड है। आशंका है कि आरोपी विदेश में कहीं छिपा है। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित करने के लिए उसके दिल्ली स्थित घर पर नोटिस चस्पां करने के आदेश पिछली सुनवाई में पुलिस को दिए थे।

शनिवार को हैड कांस्टेबल राकेश कुमार ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। इसके बाद अदालत ने इंडियन टेक्नोमैक कंपनी के एमडी को भगोड़ा घोषित कर दिया। 

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सीबीआई को भेजी जाएगी सूचना

कोर्ट के भगोड़ा घोेषित करने के बाद अब सीआईडी के लिए राकेश के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने में आसानी हो जाएगी। अभी तक जांच अधिकारियों ने नोटिस के लिए गैर जमानती वारंट को आधार बनाकर आवेदन किया था, लेकिन सीबीआई ने इस पर आपत्ति जताई थी। अब कोर्ट से भगोड़ा होने के बाद अधिकारी इसे रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने का आधार बनाएंगे।

बैंक फ्रॉड मामले में ईडी भी कर रही जांच
करोड़ों रुपये के टेक्नोमैक घोटाले की जांच भले ही सीआईडी कर रही है, लेकिन ईडी भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित प्रारंभिक जांच करने की तैयारी में है। ईडी पहले ही सीआईडी से एफआईआर की कॉपी हासिल कर अध्ययन में जुट गई है, लेकिन एजेंसी इस मामले में शिकायत आने का इंतजार कर रही है।

फिलहाल सीआईडी बैंकों के संपर्क में है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही बैंक ईडी को धन के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामले में शिकायत दे सकते हैं। बता दें कि कर चोरी से जुड़े मामले की जांच के दौरान सीआईडी को बैंक लोन फ्रॉड और इनकम टैक्स चोरी की जानकारी मिली थी, जिसके बाद सीआईडी ने दोनों ही संस्थाओं से मामले से जुड़े दस्तावेज लेकर जांच शुरू कर दी है।
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