शिमला। प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के देखते हुए अस्पतालों में भी एहतियाती कदम उठाए शुरू कर दिए गए हैं। सूबे के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में ऑपरेशन से पहले वार्डों में दाखिल मरीज जुकाम-बुखार से पीड़ित पाया जाता है, तो चिकित्सक उस मरीज का आरटीपीसीआर टेस्ट करवाएंगे। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मरीज का ऑपरेशन होगा। प्रबंधन की ओर से इस बाबत विभागीय चिकित्सकों को निर्देश जारी किए गए हैं। आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने इस बात की पुष्टि की है।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रोजाना 3,000 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें से विभिन्न विभागों में 100 से अधिक मरीज रोजाना दाखिल किए जाते हैं। इसके अलावा 50 से 60 मरीजों के रुटीन ऑपरेशन होते है। चूंकि कुछ मरीज इन दिनों ऑपरेशन से पहले जुकाम-बुखार से पीड़ित पाए जा रहे हैं तो ऐसे मरीजों के ऑपरेशन से पहले कोविड टेस्ट करने के निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, यह निर्देश मौखिक रूप से जारी हुए है, लेकिन इन आदेशों का सख्ती से पालन करने की बात प्रबंधन ने की है। इसके अलावा हर रोज 20 से 25 मरीजों के सैंपलों की जांच हो रही है।
उधर, डीडीयू अस्पताल में शुक्रवार को 63 मरीजों ने कोविड टेस्ट करवाए गए। इनमें से तीन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पॉजिटिव आए मरीजों को होम आइसोलेशन में भेज दिया गया है।