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सीएम का दावा, 15 मई के बाद शिमला में नहीं रहेगा जलसंकट

Fri, 08 Apr 2016 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि अश्वनी खड्ड की सहायक खड्डों कोटी ब्रांडी और बीन से पेयजल आपूर्ति की जा रही है और इन स्रोतों का पानी प्रदूषणमुक्त है। उठाऊ पेयजल योजना अश्वनी खड्ड के लिए कोटी ब्रांडी 4.78 एमएलडी और बीन नाले 0.90 एमएलडी पानी छोड़ने के लिए प्राक्कलन तैयार किया गया है। इसका कार्य 15 मई 2016 से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
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सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि कोल डैम जलापूर्ति योजना शीघ्र शुरू की जाएगी। इसके लिए विश्व बैंक से शीघ्र उनका दल भेजने का आग्रह किया गया है। सीएम वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि शिमला शहर के लिए अश्वनी खड्ड से शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल करने और इस जल स्रोत में प्रदूषण नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने वीरवार को शिमला शहर में पेयजल आपूर्ति के आकलन के लिए बुलाई। इस आपात बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि अश्वनी खड्ड में मिलने वाले सभी जल स्रोतों की सफाई करने की आवश्यकता है, क्योंकि ये पानी को प्रदूषित कर रहे हैं और यही शहर में पीलिया का मुख्य कारण भी बना है।
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सहायक चश्मों में प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी कदम उठाएं  
सीएम वीरभद्र सिंह ने अश्वनी खड्ड के सहायक चश्मों में प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाकर पेयजल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चश्मों के ऊपर उन बस्तियों को एक मुख्य मल निकासी पाइप से जोड़ा जाना चाहिए, जहां मल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिसे अश्वनी खड्ड का पानी प्रदूषित न हो सके।

नगर निगम शिमला और इसके समीपवर्ती क्षेत्रों के लोगों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सभी स्थानीय जल स्रोतों को समुचित उपचार के बाद बहाल किया जाना चाहिए। पानी के नमूनों का नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए।

क्रेगनैनो, भेखलटी और ढली के टैंकों में क्लोरीनेशन करें  
सीएम वीरभद्र सिंह ने ये भी अवगत करवाया गया कि क्रेगनैनो, भेखलटी और ढली के टैंकों में क्लोरीनेशन गैस डोजरज स्थापित किए जा रहे हैं। यह प्रक्त्रिस्या 15 अप्रैल तक पूरी हो जाएगी। ये डोजरज पानी की क्लोरीनेशन तथा इसे पीने के लिए सुरक्षित बनाने में काफी प्रभावी हैं।

वीरभद्र सिंह ने शिमला शहर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों के लोगों को पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित बना कर राहत प्रदान करने के लिए रात-दिन कार्य करने के निर्देश दिए और पानी के वितरण के लिए कम से कम अवधि निर्धारित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्य पाइप लाइनों पर ऑटोमेटिक डिस्चार्ज मीटर लगेंगे
वीरभद्र सिंह ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर मुख्य पाइप लाइनों पर ऑटोमेटिक डिस्चार्ज मीटर लगाने का निर्णय भी लिया गया और जिन्हें इस माह के अंत तक स्थापित कर लिया जाएगा।उन्होंने कहा कि नगर निगम को सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक घर को पानी उपलब्ध हो और उन्हें पांच से 10 दिनों तक बिना पानी के नहीं रहना पड़े। मुख्यमंत्री ने मल निकासी ट्रीटमेंट प्लांटों की मरम्मत एवं संचालन के निर्देश भी दिए।

कोटी ब्रांडी और बीन नालों पर कार्य की रोजाना निगरानी
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर ने शहर के लोगों को नगर निगम की सीमा के अंदर और बाहर समय पर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का ब्योरा दिया। उन्होंने कहा कि कोटी ब्रांडी और बीन नालों पर कार्य को पूरा करने की नित्य प्रति निगरानी की जा रही है, जिससेलोगों को शीघ्र राहत दी जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में औसतन चार से पांच एमएलडी पानी की कमी है और शिमला शहर की जल की आवश्यकता को पूरा करने के लिए अश्वनी खड्ड से औसतन 39 एमएलडी पानी उठाने की आवश्यकता है।
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