शिमला नगर निगम क्षेत्र में जहां भी जगह उपलब्ध होगी प्रदेश सरकार नई पार्किंगों का निर्माण करेगी। राजधानी शिमला में नगर निगम के साथ मिलकर पार्किंग की समस्या का हल निकाला जाएगा। वीरवार को छोटा शिमला में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर नगर निगम की ओर से बनाई गई बहुमंजिला पार्किंग के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह एलान किया।
उन्होंने कहा कि शहर में पार्किंग की किल्लत के कारण स्थानीय लोगों को ही नहीं बल्कि देश विदेश से आने वाले सैलानियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए लिफ्ट के पास साढ़े सात सौ गाड़ियों के लिए और टूटीकंडी क्रासिंग पर एक हजार गाड़ियों के लिए पार्किंग बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने छोटा शिमला पार्किंग परिसर का निर्माणकार्य तय अवधि पर पूरा करने के लिए छोटा शिमला प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के एमडी पीके सूद को भी बधाई दी।
इस मौके पर आयुर्वेद मंत्री करण सिंह, नगर निगम महापौर संजय चौहान, उप महापौर टिकेंद्र सिंह पंवर, पूर्व महापौर मधू सूद, एचपीटीडीसी के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा, निगम पार्षद सुरेंद्र चौहान, नरेंद्र ठाकुर, अनूप वैद्य, अर्चना धवन, शहरी कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप सिंह भुज्जा, महासचिव संजीव कुठियाला, नगर निगम आयुक्त पंकज राय और सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कैपिटल ग्रांट मिलती तो बढ़ती विकास की रफ्तार : संज
पार्किंग शिलान्यास अवसर पर अपने संबोधन में नगर निगम महापौर संजय चौहान ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में एक बार फिर सरकार को उसका दायित्व याद दिलाया। मेयर ने कहा कि अगर सरकार नगर निगम को कैपिटल ग्रांट उपलब्ध करवाती तो शहर में विकास की रफ्तार कुछ और होती।
बावजूद इसके नगर निगम अपने सीमित साधनों से शहर के विकास की हर संभव कोशिश कर रहा है। मेयर, डिप्टी मेयर और एमसी अफसर 24 घंटे लोगों की सेवा में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि छोटा शिमला पार्किंग से नगर निगम को सालाना 36 लाख की आमदनी होगी, जिसका उपयोग शहर के लोगों को अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए किया जाएगा।
छोटा शिमला पार्किंग में खड़ी हो सकेंगी 400 गाड़ियां
शिमला। पार्किंग की किल्लत झेल रहे राजधानी शिमला सहित प्रदेश भर के लोगों को छोटा शिमला पार्किंग शुरू होने से बड़ी राहत मिलेगी। इस पार्किंग में 400 गाड़ियां खड़ी हो सकेंगी। बहुमंजिला परिसर के 30 हजार वर्ग फीट एरिया में कमर्शियल कांप्लेक्स बनेगा।
हालांकि यह पार्किंग छोटा शिमला में जाम का भी कारण बन सकती है। छोटा शिमला चौक पर पार्किंग के टॉप फ्लोर की एंट्री और एग्जिट मेन रोड की ओर रखी गई है। यहां जगह तंग है जिसके कारण गाड़ियों के प्रवेश और निकास के समय जाम लगना तय है।
सुरेंद्र चौहान ने एसडीए कांप्लेक्स के लिए मांगी पार्किंग
छोटा शिमला वार्ड से नगर निगम पार्षद सुरेंद्र चौहान ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से एसडीए कांप्लेक्स के लिए बाईपास रोड पर पार्किंग बनाने का आग्रह किया। इसके अलावा छोटा शिमला में जर्जर हालत में चल रही डिस्पेंसरी को आयुर्वेदिक अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग उठाई। बीसीएस में नाले पर बनाए गए डंपिंग जोन मैदान पर पार्क या कम्यूनिटी सेंटर बनाने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने सुरेंद्र चौहान की सभी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
अब सड़कों पर खड़ी नहीं करनी होंगी गाड़ियां : जनारथा
नगर निगम के पूर्व उप महापौर और पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा ने पार्किंग का लोकार्पण करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्किंग बनने के बाद अब शिमला शहर के लोगों, सैलानियों और विशेषकर सचिवालय आने वाले लोगों को अपनी गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी नहीं करनी होंगी।
मल्टीस्टोरी पार्किंग की खासियत
छोटा शिमला पार्किंग में गाड़ियां छह एंट्री प्वाइंटों से प्रवेश करेंगी। प्रत्येक फ्लोर के लिए अलग एंट्री और ऐग्जिट प्वाइंट होगा। मल्टीस्टोरी पार्किंग में लोगों की सुविधा के लिए दो लिफ्टें लगेंगी। गाड़ी पार्क करने के बाद लोग लिफ्ट की मदद से टॉप फ्लोर तक पहुंचेंगे। पार्किंग और कॉमर्शियल कांप्लेक्स का संचालन 30 सालों तक छोटा शिमला प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड करेगी। इसके बाद पार्किंग नगर निगम को हैंडओवर कर दी जाएगी।
पार्किंग में इन दरों पर खड़ी होंगी गाड़ियां
0 से 2 घंटे 20 रुपये
4 घंटे 40 रुपये
8 घंटे 60 रुपये
12 घंटे 80 रुपये
24 घंटे 120 रुपये
14.5 फीसदी सर्विस टैक्स अतिरिक्त