ऊना रैली में लोगों को संबोधित करते सीएम वीरभद्र सिंह।
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इसे कहते हैं सौ सुनार की एक लोहार की का फार्मूला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वीरवार को कहा कि प्रेम कुमार धूमल ने सीएम रहते हुए उनकी जमीन की आठ बार पैमाइश करवाई थी। अब सोच रहा हूं कि एक बार मैं भी उनकी जमीन की पैमाइश करवा ही लूं।
उन्होंने कहा कि जब हिमाचल की रियासतों का विलय सरकार में हुआ था तो उन्हें जो जमीन मिली, वर्तमान में उससे एक इंच भी ज्यादा भूमि उनके पास नहीं है, बल्कि मुजारा अधिनियम और लैंड सीलिंग एक्ट में उन्हें जमीन छोड़नी ही पड़ी।
ऊना के अंब के सरकारी कॉलेज में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्तियां उगाहने वाले धूमल और उनके बेटों की तरह वह कीचड़ उछालने में उनसे प्रतियोगिता नहीं कर सकते। ये लोग इन मामलों में मास्टर हैं।
अरुण पहले पंच का चुनाव लड़कर तो दिखाएं
सीएम वीरभद्र सिंह।
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सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में प्रदेश को कई स्तरीय शैक्षणिक संस्थान दिए। लेकिन इनको फिजूलखर्ची बताने वाली भाजपा प्रदेश में आरएसएस के स्कूल खोलना चाहती है। यह देश और प्रदेश धर्मनिरपेक्ष है, जिसमें हर धर्म के व्यक्ति को आजादी का अधिकार है।
भाषा और धर्म के नाम पर बांटने वाले देश के मित्र नहीं, सबसे बड़े दुश्मन हैं। अंबेडकर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बाबा साहब को महापुरुष की संज्ञा देते हुए कहा कि भाजपा उनके बलिदानों को दबाना चाहती है। इस मौके पर उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री, राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार और जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र धर्माणी सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
अरुण पहले पंच का चुनाव लड़कर तो दिखाएं
पत्रकारों से बातचीत में धूमल के छोटे बेटे अरुण पर पलटवार करते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि अरुण धूमल कौन हैं, उनका स्तर उनके अनुभव से मेल नहीं खाता। अरुण धूमल पहले वार्ड पंच का चुनाव लड़कर तो दिखाएं, उसके बाद बात करें।