हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शनिवार को दिल्ली पहुंच गए। रविवार को वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान मोदी से योजना आयोग के स्वरूप पर चर्चा होने की संभावना है।
प्रदेश की ओर से आयोग के मौजूदा स्वरूप को ही बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा, जिससे आर्थिक तौर पर सूबे को किसी तरह की क्षति न होने पाए।
प्रदेश सरकार के बजट का एक बड़ा हिस्सा योजना आयोग के माध्यम से मिलता है, लेकिन नए स्वरूप में यह मदद केंद्र से शायद कम मिले।
इसकी पूरी संभावना है। इसको ध्यान में रखकर प्रदेश की ओर से योजना आयोग के मौजूदा स्वरूप का विरोध करने के लिए खाका तैयार किया गया है।
प्रदेश सरकार को योजना के मद से 4100 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद अब तक मिल रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ वित्त विभाग के प्रधान सचिव डा.श्रीकांत बाल्दी भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान वह मुख्यमंत्री प्रदेश की ओर से विस्तार से पक्ष रखेंगे।
एक-एक रिकार्ड प्रधानमंत्री को बताएंगे, जिससे प्रदेश को किसी भी सूरत में नुकसान न उठाना पड़े। ध्यान रहे कि हिमाचल प्रदेश पहले से ही आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। सरकार पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है।