मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दिल्ली में केंद्रीय परिवहन, राजमार्ग एवं जहाज रानी मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर प्रदेश में 9 एनएच बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। सीएम ने चीन की सीमा के साथ लगती सड़क की बहाली और प्रस्तावित दो एनएच परवाणू से शिमला और नेरचैक से मनाली के टेंडर आमंत्रित किए जाने की मांग की।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वीसी फारका और प्रदेश में कार्य देख रहे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। सीएम ने अंबाला-शिमला-किन्नौर के तीन महीनों से बंद किन्नौर जिला के टापरी-ऊरनी मार्ग पर अवरुद्ध होने का मामला भी उठाया।
उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र तक पहुंचने के लिए पुराने हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग को बहाल करने की संभावनाओं को तलाशने की बात कही। उन्होंने 18वीं तथा 19वीं सदी में निर्मित पुराने मार्ग को इसके वास्तविक मार्ग के साथ-साथ, इसे बहाल करने तथा रणनीतिक सीमा मार्ग के तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का भी आग्रह किया।
वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को प्रदेश में विभिन्न सड़क मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग के तौर पर अधिसूचित करने के लम्बित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
शिमला-मटौर एनएच को फोरलेन करने पर चर्चा
वीरभद्र सिंह ने शिमला-मटौर (कांगड़ा) एनएच को फोरलेन किए जाने पर विस्तृत चर्चा की। प्रदेश में 33 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का नेटवर्क है। इसमें भूतल परिवहन मंत्रालय एनएच केवल 1553 किलोमीटर का सहयोग कर रहा है।