मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किन्नौर के बाद अब सोलन से बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री पर निशाना साधा है। त्रिदेव सम्मेलन के लिए पहुंचे जयराम ने मीडिया से अनौपचारिक बात में कहा कि उन्होंने किसी के परिवार का जिक्र कभी नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ओकओवर को खाली करने की बात कह रहे हैं। मैं ओकओवर में एक व्यवस्था के तहत बतौर मुख्यमंत्री रहता हूं। यह मुख्यमंत्री का आवास है। मुझसे भी पहले मुख्यमंत्री यहीं रहते थे। जब तक हमारी सरकार है, मैं यहीं रहूंगा। उसके बाद जिसकी सरकार होगी, वह रहेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस नेता की जुबान से उनका दल भी परेशान है। उनके दल के वरिष्ठ नेताओं के फोन मुझे आए हैं। उन्होंने भी कहा कि वे इस नेता से सहमत नहीं हैं।
पुलिस भर्ती पर पूछे गए सवाल के जवाब में जयराम ने कहा कि छानबीन अंतिम चरण में है। मामला सीबीआई को भी दिया गया है ताकि कोई उंगली न उठा सके। जैसे ही पेपर लीक का मामला सामने आया था, भर्ती रद्द कर दी गई थी। अब दोबारा से पूरी पारदर्शिता के साथ पेपर करवाया जाएगा।
असभ्य और असंसदीय भाषा का प्रयोग कर रहे अग्निहोत्री : रणधीर
प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने विपक्ष के नेता पर असभ्य और असंसदीय भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। कहा कि मुकेश अग्निहोत्री मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे थे, उन्हें कांग्रेस के संगठन के पुनर्गठन के समय कोई तरजीह नहीं दी गई। इससे निराश और हताश हैं। इसी बौखलाहट में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रति असभ्य शब्दों और असंसदीय भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।
कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन आलोचना तथ्यों के आधार पर हो और आरोप प्रमाण सहित लगाए जाएं तो ही लोकतंत्र में विपक्ष की सही भूमिका निभाई जा सकती है। मुकेश जिस भाषा का प्रयोग कर मुख्यमंत्री की आलोचना कर रहे हैं, उससे लोकतंत्र की मर्यादाओं को ठेस पहुंचती है। जयराम को दुर्घटना से बने मुख्यमंत्री कहने वाले मुकेश को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे सीएम जयराम की वजह से ही विपक्ष के नेता की सुख-सुविधाएं भोग रहे हैं।