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Laptop Distribution: चार साल बाद लैपटॉप पाकर चहके हजारों मेधावी, मंडी में हुआ राज्य स्तरीय समारोह

Wed, 08 Jun 2022 09:41 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मेधावियों को लैपटॉप देने के लिए करीब 83 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले जयराम सरकार ने अपने कार्यकाल में पहली बार मेधावियों को लैपटॉप दिए हैं।
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मेधावियों को लैपटॉप देते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले हजारों मेधावियों को चार साल बाद बुधवार को लैपटॉप मिले। शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के मेधावियों को प्रदेश के 55 स्थानों पर लैपटॉप दिए गए। राज्य स्तरीय कार्यक्रम मंडी के पड्डल मैदान में हुआ। यहां करीब 2,900 मेधावियों को लैपटॉप दिए। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों, निगम-बोर्डों के अध्यक्षों ने लैपटॉप दिए। 

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शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर बुधवार को मंडी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री वीरवार को कुल्लू में लैपटॉप वितरित करेंगे। बुधवार को अनुपस्थित रहे मेधावियों को जिला उपनिदेशक कार्यालयों में लैपटॉप दिए जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि ऐसे मेधावी जल्द से जल्द जिला उपनिदेशक कार्यालयों में संपर्क करें।

मेधावियों को लैपटॉप देने के लिए करीब 83 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले जयराम सरकार ने अपने कार्यकाल में पहली बार मेधावियों को लैपटॉप दिए हैं। मेधावियों को आधुनिक तकनीक वाले 41,550 रुपये की कीमत वाले लैपटॉप दिए गए।
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सरकार ने डेल कंपनी के आई थ्री प्रोसेसर और 14 इंच स्क्रीन वाले विंडो 10 लैपटॉप खरीदे हैं। इनमें चार जीबी की रैम है, जिसे स्लॉट के माध्यम से 16 जीबी तक बढ़ाया जा सकेगा। इसकी हार्ड डिस्क ड्राइव एक टेरा बाइट (टीबी) है। विद्यार्थी योजना में इनमें माइक्रोसॉफ्ट की विंडो 10 इंस्टाल की गई है।

संवाद में मुख्यमंत्री ने पूछे सवाल, मेधावियों ने बेबाकी से दिए जवाब
मंडी में प्रदेश स्तरीय शिक्षा संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के कुछ चुनिंदा मेधावियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से कई सवाल किए। कांगड़ा के हर्ष और मुस्कान से सीएम ने पूछा कि वह लैपटॉप का क्या करेंगे तो उन्होंने कहा कि वह अपनी पढ़ाई के कार्यों में इस लैपटॉप का प्रयोग करेंगे। लैपटॉप से उन्हें जानकारियां एकत्र करने में मदद मिलेगी।

सिरमौर के पारस से मुख्यमंत्री ने पूछा कि वह लैपटॉप का क्या करेंगे तो पारस ने कहा कि वह इससे नई नई जानकारियों को सर्च करेंगे। पारस से सीएम ने पूछा कि उन्हें कौन से शिक्षक पसंद हैं, इस पर पारस ने जवाब दिया कि उन्हें केमिस्ट्री वाले शिक्षक बहुत अच्छे लगते हैं। ऊना की तान्या से सीएम ने पूछा कि वह क्या बनना चाहती हैं तो तान्या ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई। 

ऑफलाइन इन्होंने किया सीधा संवाद
सीएम ने मंडी के तीन मेधावियों के साथ मंच पर सीधा संवाद किया। इनमें कन्या स्कूल मंडी की छात्रा रही लिपाक्षी से उन्होंने नाम का अर्थ पूछा। वहीं लिपाक्षी से उन्होंने पूछा कि वह कितनी देर पढ़ती हैं, इस पर लिपाक्षी ने कहा कि वह रोजाना तीन से आठ घंटे तक पढ़ाई करती हैं।

वह डॉक्टर बनना चाहती हैं और नेरचौक मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रही हैं। बाल स्कूल मंडी के छात्र रहे अंकेश से सीएम ने पूछा कि अपने परिवार के बारे में बताओ। इस पर अंकेश ने बताया कि उनकी मां गृहिणी हैं और पिता किसान हैं। मंडी के सरस्वती विद्या मंदिर महाजन बाजार की छात्रा रही शिवेन ने अपना कॅरिअर मेडिकल क्षेत्र में बनाने की इच्छा जाहिर की। 

खराब नेटवर्क बना समस्या 
संवाद कार्यक्रम में नेटवर्क ने समस्या बढ़ाई जिसके चलते विद्यार्थियों से संवाद करने में दिक्कतें आई। वर्चुअल माध्यम से हुए संवाद में चंबा, लाहुल स्पीति, हमीरपुर और कांगड़ा के मेधावी विद्यार्थियों से सही ढंग से बात नहीं हो पाई। कभी सीएम की बात उन तक नहीं पहुंच रही थी तो कभी विद्यार्थियों की बात का पता नहीं चल पाया। ऐसे में संवाद से जुड़े विद्यार्थी निराश दिखे। उधर, संवाद कार्यक्रम में सोलन, कुल्लू और बिलासपुर जिलों के विद्यार्थियों ने इस संवाद में हिस्सा नहीं लिया।

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