मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को प्रदेश उच्च न्यायालय के समीप महाधिवक्ता कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 8.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह सात मंजिला भवन महाधिवक्ता कार्यालय के कर्मचारियों को अपना कार्य करने के लिए उचित वातावरण प्रदान करेगा। महाधिवक्ता का कार्यालय उच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व भी करता है।
न्यायपालिका लोगों को विशेषकर समाज के कमजोर वर्गों को समयबद्ध तरीके से न्याय प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल नारायण स्वामी ने कहा कि राज्य में मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण करने के बाद आज वह पहली बार किसी सार्वजनिक समारोह में शामिल हुए हैं। महाधिवक्ता कार्यालय सरकार और न्यायालय के बीच एक सेतु का कार्य करता है।
महाधिवक्ता अशोक शर्मा ने कहा कि नया भवन मिलने से महाधिवक्ता कार्यालय की कार्य प्रणाली में और सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय शीघ्र ई फाइलिंग अपनाएगा। इस दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता अजय वैद्य ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जमवाल, महापौर कुसुम सरदेट, मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल खाची, पूर्व महाधिवक्ता श्रवण डोगरा, इंजीनियर इन चीफ आरके वर्मा, मुख्य अभियंता ललित भूषण शर्मा मौजूद रहे।
बार एसोसिएशन वेलफेयर फंड में दिए सात लाख
शिमला। महाधिवक्ता कार्यालय भवन का उद्घाटन करने से पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश बार एसोसिएशन के सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने बार एसोसिएशन वेलफेयर फंड के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से सात लाख रुपये देने की घोषणा की। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश्वर सिंह चंदेल ने एसोसिएशन की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।