मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सरकार के भीतर और बाहर विरोधियों पर पलटवार किया है। जीएस बाली के इस्तीफे की धमकी पर पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि कोई मंत्री पद छोड़ना चाहे तो छोड़ सकता है।
प्रदेश कांग्रेस सरकार पर इसका कोई असर नहीं पड़ने वाला। प्रदेश सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। मुख्यमंत्री बुधवार को सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के भीतर कोई विरोध नहीं है। सीपीएस राजेश धर्माणी के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह घर का मामला है। इसे सुलझा लिया गया है। भाजपा के इस आरोप को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया कि प्रदेश सरकार नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल पर राजनीतिक द्वेष से प्रेरित होकर कार्रवाई कर रही है।