हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश अब तबाही मचाने लगी है। बुधवार को कुल्लू के मलाणा और चोज नाले में बादल फटने से एक महिला की मलाणा नाले में बहने से मौत हो गई। वहीं शिमला में टेंट में रह रहे पंजाब के एक परिवार पर पहाड़ी से मलबा गिरने से एक किशोरी की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। मलाणा और चोज नाले में बादल फटने से होम स्टे, कैंपिंग साइट, 12 घोड़े ओर एक पैदल पुल बह गया। इस घटना में तीन लोग लापता हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नदी किनारे से सभी कैंपिंग साइट हटाने के आदेश दिए हैं। उधर, किन्नौर जिले के झाकड़ी के पास भूस्खलन से शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे पर पांच घंटे वाहनों की आवाजाही बंद रही। आनी-चित्रकूट सड़क पर तहसील कार्यालय के समीप जमीन धंसने से एक टिपर दुर्घटनाग्रस्त होकर कोर्ट रोड पर जा गिरा।
इससे मार्ग पर खड़ी कार को क्षति पहुंची है। टिपर चालक ने बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। बुधवार शाम तक प्रदेश में 46 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बाधित रहीं। 75 बिजली के ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। पेयजल योजनाओं को कुल 9.5 करोड़ का नुकसान हो चुका है। बारिश से बिलासपुर के झंडूता में दुकानों में मलबा चला गया। तीन वाहन भी बहे हैं। कांगड़ा के कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने गुरुवार को येलो, शुक्रवार व शनिवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मंगलवार रात को धर्मशाला, शिमला, बिलासपुर, कुफरी और जुब्बड़हट्टी में भी भारी बारिश रिकॉर्ड हुई। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। मलाणा और चोज नाले में बादल फटने से मणिकर्ण के कटागला गांव में भी भारी नुकसान हुआ है। बुधवार सुबह 5:30 बजे बादल फटने से चोज गांव स्थित पार्वती नदी और चोज नाले के संगम स्थल पर एक होमस्टे और एक ढाबे में काम करने वाले चार लोग लापता हो गए। पार्वती नदी पर बना पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है।
चोज गांव में बिजली के दो ट्रांसफार्मर, पेयजल स्कीमें, जल स्रोत, पैदल रास्ते, सात पुलियां, सड़कों सहित कई मकान, कई कैंपिंग साइट बाढ़ की जद में आने से तबाह हो गई हैं। मलाणा नाले में बहने से शाजी देवी (35) पत्नी सिंगाराम निवासी साराबेहड़ मलाणा की मौत हो गई। मलाणा प्रोजेक्ट-दो केे करीब 25 कर्मचारियों ने भाग कर जान बचाई। दोपहर बाद एनडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य के लिए चोज गांव पहुंची और स्थानीय लोगों, पुलिस व होमगार्ड के जवानों के साथ लापता लोगों की तलाश करने में जुट गई है।
चोज में बादल फटने से आई बाढ़ से लापता चार लोगों में रोहित निवासी कलौड, सुंदरनगर मंडी, कपिल निवासी पुष्कर राजस्थान, अर्जुन निवासी भोरंज, हमीरपुर तथा राहुल चौधरी निवासी कांगड़ा शामिल हैं। इसके अलावा खेम राज पुत्र हरि सिंह का छह कमरों का एक गेस्ट हाउस क्षतिग्रस्त हुआ है। एक मछली फार्म, एक गोशाला और चार गायें भी बह गईं। मलाणा, चोज तथा तोश सहित पार्वती घाटी के पर्यटन स्थलों में सैकड़ों सैलानी फंस गए हैं।
राजधानी शिमला के ढली क्षेत्र में सुबह 5:30 बजे भूस्खलन से 14 साल की किशोरी की मलबे में दबने से मौत हो गई। किशोरी करीना पुत्री सतपाल निवासी बलटाना, तहसील जीरकपुर, पंजाब की रहने वाली थी। इसके साथ तीन अन्य भी मलबे में दबने से घायल हुए हैं। घायलों में आशा (16 साल) पुत्री भगवान सिंह, इसका भाई कुलविंद्र सिंह (19 साल), मां नारंगी शामिल हैं। ये होशियारपुर के रहने वाले हैं। ये सभी यहां टेंट लगाकर आयुर्वेदिक दवाइयां बेचने का काम करते थे। शिमला में आठ वाहन जगह-जगह मलबे में दबे हैं।