सरकार ने राशन डिपो से ली मसूर दाल के पैकेट में चूहा निकलने के मामले में संज्ञान लिया है।
राशन डिपो से ली मसूर दाल के पैकेट में चूहा निकलने के मामले में सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री जीएस बाली ने मामले को गंभीर माना है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को यह सप्लाई गई है तो वे दाल को वापस कर सकते हैं।
इस मामले पर विधायक राजीव सहजल ने सदन में अमर उजाला में प्रकाशित खबर का हवाला दिया। कहा कि सरकार उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ कर रही है। धर्मपुर के पास कंडा डिपो के अलावा मसूर दाल की यह सप्लाई अन्य डिपो में भी गई होगी। ऐसे में सरकार को तुरंत यह सप्लाई रोक देनी चाहिए।
बाली ने कहा कि मामले की प्रारंभिक जांच 16 मार्च को राज्य खाद्य आपूर्ति निगम सीमित के क्षेत्रीय प्रबंधक से करवाई है। सीमा भारद्वाज नाम की उपभोक्ता को कंडा कृषि सेवा सहकारी सभा धर्मपुर से 10 मार्च को 1 किलो दाल मसूर का पैकेट दिया गया था। उक्त उचित मूल्य की दुकान को यह दाल निगम के थोक गोदाम धर्मपुर से बीते 20 फरवरी को जारी हुई थी।
मामले की जांच निरीक्षक खाद्य नागरिक उपभोक्ता मामले धर्मपुर से कराई गई। जांच में सीलबंद पैकेट में मरा हुआ चूहा पाया गया है। यह पैकेट जिला नियंत्रक, सोलन की ओर से खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय को भेजा गया है। प्रयोगशाला में विश्लेषण के दौरान ये सैंपल मानव सेवन के लिए अयोग्य पाया गया।
इस बारे में आवश्यक रिपोर्ट खाद्य आपूर्ति निगम सीमित को भेजी गई। इस दाल की आपूर्ति मै. जिंदल सुपर दाल मिल दिल्ली द्वारा निगम के थोक गोदाम धर्मपुर को की गई है। कहा कि मामला गंभीर है। इस पर कार्रवाई होगी। सुपर दाल मिल दिल्ली को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कहा कि इस कंसाइंमेंट से संबंधित बिना बिक्री हुई मात्रा को उचित मूल्य की दुकानों को जारी न किए जाने के निर्देश दिए हैं। यदि उचित मूल्य की दुकानों पर इस कंसाइंमेंट में से जारी की गई मात्रा में से यदि कोई स्टॉक उनके पास बिना बिक्रे पड़ा है तो उसे तुरंत वापस करने को कहा है। मामले में आपूर्तिकर्ता से निविदा की शर्तोें के मुताबिक 20 प्रतिशत राशि की काटी जाएगी।