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Himachal: शिपकी ला से व्यापार के लिए चीन सहमत, किन्नाैर के रास्ते कैलास मानसरोवर यात्रा पर भी हो रही बात

Mon, 25 Aug 2025 10:06 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

विदेश मंत्री ने हिमाचल सरकार को सूचित किया है कि भारत सरकार ने तीनों निर्दिष्ट बिंदुओं शिपकी ला, लिपुलेख और नाथू ला से सीमा व्यापार फिर से शुरू करने के लिए चीन के साथ चर्चा शुरू कर दी है, जिसमें सहमति हुई है। 
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत और चीन तीन व्यापारिक रास्तों हिमाचल के किन्नौर जिले के शिपकी ला, उत्तराखंड के लिपुलेख और सिक्किम के नाथू ला से सीमा व्यापार शुरू करने पर सहमत हो गए हैं। दोनों पक्ष 2026 से कैलास पर्वत, गंग रेनपोछे और मानसरोवर झील की तीर्थयात्रा जारी रखने और इसके विस्तार पर भी सहमत हुए हैं। वहीं किन्नाैर के रास्ते कैलास मानसरोवर यात्रा शुरू करने पर भी बात हो रही है। चीन के साथ शिपकी ला के रास्ते से व्यापार की तैयारी की जानकारी विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने हिमाचल प्रदेश सरकार को चिट्ठी लिखकर दी है।
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विदेश मंत्री ने हिमाचल सरकार को सूचित किया है कि भारत सरकार ने तीनों निर्दिष्ट बिंदुओं शिपकी ला, लिपुलेख और नाथू ला से सीमा व्यापार फिर से शुरू करने के लिए चीन के साथ चर्चा शुरू कर दी है, जिसमें सहमति हुई है। यह व्यापार कोविड-19 महामारी के कारण 2020 से बंद था। यह मामला मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। राज्य सरकार कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अब केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय से बात करेगी। चीन के साथ द्विपक्षीय वार्ता में राज्य के इन प्रमुख मुद्दों को प्राथमिकता देने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।

चीन के विदेश मंत्री वांग यी हाल ही में भारत की यात्रा पर थे। उन्होंने विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ बैठक की। दोनों मंत्रियों ने इस बैठक में भारत और चीन के बीच व्यापार फिर शुरू करने के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की। व्यापार के अतिरिक्त शिपकी ला से कैलास मानसरोवर यात्रा फिर शुरू करने के संबंध में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी केंद्र को भेजे पत्र में इस बात पर प्रकाश डाला था कि गरटोक होते हुए दार्चेन और मानसरोवर को जोड़ने वाला शिपकी ला मार्ग तिब्बत की तरफ से तुलनात्मक रूप से छोटा है। हिमाचल के रामपुर बुशहर और पूह होते हुए शिपकी ला तक पहले से ही सड़क मौजूद है, जिससे यात्रा के दौरान आवश्यक आधार शिविर और सहायक बुनियादी ढांचा विकसित करना संभव हो गया है।
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हिमाचल में पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक विकास के खुलेंगे रास्ते
विदेश मंत्री ने हिमाचल सरकार को लिखे एक पत्र में बताया है कि पांच साल के अंतराल के बाद उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रा और सिक्किम के नाथू ला दर्रा से कैलास मानसरोवर यात्रा फिर शुरू हो गई है। शिपकी ला को एक अतिरिक्त मार्ग के रूप में जोड़ने पर बात चल रही है। अब राज्य सरकार को उम्मीद है कि पारंपरिक सीमा व्यापार दोबारा स्थापित होने से हिमाचल प्रदेश में पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे।
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