नौनिहालों को बुखार के दौरान दी जाने वाली दवा से लेकर सामान्य दर्द और एंटीबायोटिक दवाओं की गुणवत्ता हाशिये पर है। भारी खपत होने के कारण यह दवाएं काफी अहम हैं। सबसे अधिक बिकने वाली इन दवाओं के अक्तूबर में चार सैंपल फेल हो चुके हैं।
इसमें एक ही दवा के दो बैच हैं। लिहाजा इन दवाओं के स्टॉक पर प्रतिबंध लगाने की कवायद ड्रग विभाग ने शुरू कर दी है। सीडीएसओ (राष्ट्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन) ने अक्तूबर के ड्रग अलर्ट में इन दवाओं के अधोमानक होने का खुलासा किया है।
इन दवाओं के तीन सैंपल गुवाहाटी और एक चंडीगढ़ से लिया गया है। तीन माह में हिमाचल में तैयार 21 से अधिक दवाएं अधोमानक निकली हैं।