मैक्लोडगंज स्थित बौद्ध मठ में सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे मौजूद
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का 89वां जन्मदिवस मैक्लोडगंज में धूमधाम से मनाया गया। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शरीक हुए। कनाडा के ओंटारियो राज्य संसद के उपाध्यक्ष भुटिला कारपोछे ने भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत की। निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेम्पा सेरिंग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य तिब्बती बौद्ध मंदिर में लोगों ने केक काटा और दलाई लामा की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री ने कहा कि धर्मगुरु के जन्मदिवस को मनाने के लिए आधिकारिक समारोह का आयोजन किया जाता है। हालांकि, धर्मगुरु घुटने के इलाज के लिए अमेरिका में हैं। 14वें दलाई लामा का जन्म 6 जुलाई 1935 को हुआ था।
तवांग भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा : तापिर गाओ
अरुणाचल से लोकसभा सदस्य तापिर गाओ ने कहा कि अरुणाचल का तवांग भारत का हिस्सा है और रहेगा। पड़ोसी राज्य चीन व्यर्थ में ही सीमा विवाद को बढ़ावा दे रहा है। शनिवार को कांगड़ा जिले के मैक्लोडगंज में उन्होंने यह बात कही। गाओ यहां तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के 89वें जन्मदिवस कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस मौके पर निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री ने भी चीन पर निशाना साधा। कहा, चीन लगातार तिब्बत में नरसंहार नीतियां लागू कर रहा है। इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार आलोचना की गई है। बोले, चीन के खिलाफ संघर्ष में तिब्बती अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा, 18 जून को अमेरिकी सदन की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष माइकल मैककाॅल के नेतृत्व में अमेरिका से एक उच्च स्तरीय कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल धर्मशाला पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल ने धर्मगुरु को रिजॉल्व तिब्बत एक्ट बिल की एक प्रति भेंट की है। प्रति संयुक्त राज्य कांग्रेस की ओर से निचले सदन में पारित प्रस्ताव की प्रति है।