आरोपों के अनुसार 9 फरवरी को बूम बॉक्स कैफे के पीछे वीरभद्र सिंह के रिश्तेदार आकांश सेन पर बीएमडब्ल्यू चढ़ा दी गई थी। इस घटना को बूम बॉक्स में आए एक समूह द्वारा अंजाम दिया गया था जिसमें तीन लड़कियां भी शामिल थी। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म करदो।
इस मामले में जिला अदालत में चालान पेश किया जा चुका है। इस मामले में जांच सीबीआई को सौंपने की अपील वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के सरकारी वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि आकांश सेन हत्याकांड मामले की सीबीआई से जांच के आदेशों की जानकारी उन्हें है लेकिन लेकिन उसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस के बारे में अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
लिहाजा हाईकोर्ट ने उन्हें 1 जून को मामले की अगली सुनवाई पर इसकी पूरी जानकारी हाईकोर्ट को दिए जाने के आदेश दे दिए हैं। कोर्ट में मौजूद सीबीआई के वकील ने कहा कि उन्हें भी इस बारे में फि़लहाल कोई जानकारी नहीं है कि इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाए जाने के प्रशासन ने आदेश दिए हैं। वो इसके बारे में सीबीआई के एसएसपी से बात कर ही मामले की अगली सुनवाई पर इसकी बारे में कुछ जानकारी दे सकते हैं।