मंडी जिले के सरकारी स्कूल में दलित बच्चों से भेदभाव पर शिमला के सामाजिक व आरटीआई कार्यकर्ता रवि कुमार दलित ने हिमाचल हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उधर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात की है।
शनिवार को प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मंसूर अहमद मीर को लिखी अर्जी में रवि कुमार ने कहा कि 21वीं सदी में हिमाचल जैसे साक्षर राज्य में दलित बच्चों से इस तरह का भेदभाव अमानवीय है। उन्होंने लिखा है कि स्कूल में प्रशासन के हस्तक्षेप के बावजूद स्थितियां नहीं सुधर रही हैं तो हाईकोर्ट से ही उम्मीद बचती है।
राज्य सरकार ने मंडी जिले की माध्यमिक पाठशाला में दलित बच्चों से भेदभाव पर कड़ा संज्ञान लिया है। मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल कहा कि जातिवाद सहन नहीं होगा। उन्होंने जांच के आदेश देकर विभाग से हफ्ते भर में रिपोर्ट मांगी है। शांडिल ने कहा कि हिमाचल के लिए इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है। बच्चों में जातिवाद का जहर कौन घोल रहा है। सरकार इसका पता लगाकर रहेगी।