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रंग लाई मुहिम, सभी स्कूलों में बनेंगे टॉयलेट

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संजौली स्कूल में खुले आसमान के नीचे शर्मिंदा होते बच्चों की ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सख्त हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि मार्च 2015 तक सभी स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाएं।
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स्कूलों में सुविधाओं की जांच के लिए उड़नदस्ते गठित करें। शनिवार को उपायुक्त दफ्तर शिमला में आयोजित बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां स्कूलों में शौचालय निर्माण के लिए बजट है, वहां दो महीने में निर्माण पूरा करें।

स्कूल में शौचालय की व्यवस्था न होना शर्मनाक है। मामला उजागर करने के थैंक यू ‘अमर उजाला’। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। स्कूल और विभाग के खिलाफ कार्रवाई कर चालान किया जाएगा।
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- टिकेंद्र पंवर, डिप्टी मेयर नगर निगम शिमला

पब्लिक को सरकार से ज्यादा कोर्ट से उम्‍मीद

संजौली स्कूल के मासूम बच्चों की दुर्दशा पर पब्लिक सरकार से ज्यादा हाईकोर्ट से स्व संज्ञान लेने की उम्मीद कर रही है। रीडर कनेक्ट के नंबर पर कांगड़ा की स्नेहलता कौशल ने मासूम बच्चों की हालत पर दुख जताया। कहा कि सरकार के लिए इससे शर्मनाक क्या होगा।

शिमला से पूरे हिमाचल के लिए योजनाएं बनती हैं तो सत्ताधीशों और अफसरों को राजधानी के इन बच्चों का दर्द क्यों दिखाई नहीं देता। सोलन के रिटायर अफसर डीएस नेगी, मंडी के लीलाधर शर्मा, रोहड़ू् से रमेश कुमार, भराड़ी से राजेंद्र्र सिंह, कांगड़ा से राकेश कुमार, कांगड़ा से प्रियंका कुमारी ने रीडर कनेक्ट के नंबर पर बात करके सरकार से ज्यादा हाईकोर्ट से स्व संज्ञान लेने की उम्मीद जताई। ‘अमर उजाला’ के इन प्रबुद्ध पाठकों ने स्कूल के बच्चों के प्रति संवेदना भी जताई।

हिमाचल के स्कूलों में शौचालयों के सरकारी दावों की धरातल पर हवा निकल रही है। दूरदराज के इलाकों में ही नहीं प्रदेश के प्रमुख शहरों के स्कूलों में भी बच्चे खुले में शौच को मजबूर हैं। आपके इलाके के स्कूलों में भी ऐसी स्थिति तो नहीं? इस मसले पर आप अपने सुझाव और शिकायतें अमर उजाला के नजदीकी कार्यालय में या aushimla@gmail.com पर भेज सकते हैं। 97360-10280 पर भी सुबह दस से शाम छह बजे तक संपर्क कर सकते हैं।
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हमें ऐतराज नहीं

संजौली स्कूल में नए शौचालय बनाने पर मंदिर कमेटी को कोई ऐतराज नहीं। हां, निर्माण के लिए स्कूल नगर निगम से अनुमति खुद ले। स्कूल रखरखाव की जिम्मेदारी ले तो कमेटी के दो शौचालय हैं, जिन्हें स्कूल इस्तेमाल कर सकता है। स्कूल चाहे तो इन शौचालयों पर अपना ताला भी लगा सकता है।
-वीरेंद्र सूद, सचिव, सनातन धर्म प्रबंधक कमेटी संजौली

ब्लॉक एलीमेंटरी एजूकेशन ऑफिसर से रिपोर्ट मांगी है। स्थिति स्पष्ट होने के बाद निर्माण कार्य के लिए बजट स्वीकृत किया जाएगा।
- कश्मीर सिंह रणौत, डिप्टी डायरेक्टर, एलीमेंटरी एजुकेशन
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