सबसे अधिक परेशानी मेडिकल और कॉमर्स विषय के विद्यार्थियों को होगी। चूंकि 21 मार्च को केमिस्ट्री तो 22 मार्च को बायोलॉजी की परीक्षा है। इसी तरह 21 मार्च को कॉमर्स संकाय की अकाउंट्स की परीक्षा, आर्ट्स की इतिहास की परीक्षा है।
22 मार्च को कॉमर्स संकाय से ही बिजनेस स्टडी और आर्ट्स संकाय से राजनीतिक शास्त्र और संस्कृत की परीक्षा है। परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर विद्यार्थियों
को कोई समय नहीं मिलेगा, जिससे उनकी वार्षिक परीक्षाएं प्रभावित होंगी।
उधर, प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष विपिन माहिल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश वर्मा और सचिव राकेश ठाकुर ने कहा कि ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षाओं में बच्चों को परीक्षा की तैयारियों को लेकर समय नहीं मिलेगा, जिससे परिणाम पर भी प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बीते साल भी इस तरह की समस्या पेश आई थी, जिसे लेकर संघ तत्कालीन बोर्ड सचिव से मिला था। इस बार भी पूर्व की भांति डेटशीट जारी कर दी गई है। उन्होंने स्कूल शिक्षा बोर्ड से डेटशीट में बदलाव की मांग की है।