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विद्यार्थियों ने उठाई शिक्षा बोर्ड की डेटशीट में बदलाव की मांग, यहां जानिए वजह

Mon, 22 Jan 2018 11:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी की गई ग्यारहवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं की डेटशीट पर विद्यार्थियों ने सवाल उठाए हैं। परीक्षा के दौरान बीच में छुट्टियां न होने से परीक्षा की तैयारी करने में विद्यार्थियों को परेशानी पेश आ रही है। 

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विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने स्कूल शिक्षा बोर्ड से छात्रहित में डेटशीट में बदलाव की मांग की है। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने भी विद्यार्थियों की मांग को जायज ठहराते हुए डेटशीट को बदलने की मांग उठाई है। 

डेटशीट के मुताबिक ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षाएं 10 मार्च से शुरू हो रही हैं। 19 मार्च को जियोग्राफी और दर्शनशास्त्र की परीक्षा है। 20 मार्च को मनोविज्ञान की परीक्षा है। इन दोनों परीक्षाओं के बीच कोई छुट्टी नहीं। 

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डेटशीट में बदलाव न होने से इनको होगी परेशानी

सबसे अधिक परेशानी मेडिकल और कॉमर्स विषय के विद्यार्थियों को होगी। चूंकि 21 मार्च को केमिस्ट्री तो 22 मार्च को बायोलॉजी की परीक्षा है। इसी तरह 21 मार्च को कॉमर्स संकाय की अकाउंट्स की परीक्षा, आर्ट्स की इतिहास की परीक्षा है।

22 मार्च को कॉमर्स संकाय से ही बिजनेस स्टडी और आर्ट्स संकाय से राजनीतिक शास्त्र और संस्कृत की परीक्षा है। परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर विद्यार्थियों
को कोई समय नहीं मिलेगा, जिससे उनकी वार्षिक परीक्षाएं प्रभावित होंगी। 

उधर, प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष विपिन माहिल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश वर्मा और सचिव राकेश ठाकुर ने कहा कि ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षाओं में बच्चों को परीक्षा की तैयारियों को लेकर समय नहीं मिलेगा, जिससे परिणाम पर भी प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि बीते साल भी इस तरह की समस्या पेश आई थी, जिसे लेकर संघ तत्कालीन बोर्ड सचिव से मिला था। इस बार भी पूर्व की भांति डेटशीट जारी कर दी गई है। उन्होंने स्कूल शिक्षा बोर्ड से डेटशीट में बदलाव की मांग की है। 
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