हिमाचल प्रदेश विवि से पढ़ाई कर रहे, कर चुके या पढ़ाई करने के बाद अन्य विश्वविद्यालयों में कोर्स करने जाने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को घर बैठे रजिस्ट्रेशन, माइग्रेशन करवाने की ऑनलाइन सुविधा मिलने वाली है। इसे शुरू करने का कार्य अंतिम चरणों में है। एक माह में विवि की रजिस्ट्रेशन/ माइग्रेशन ब्रांच ऑनलाइन सुविधा शुरू करेगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है।
शाखा में आठ कंप्यूटर लगाए गए हैं। कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण देना बाकी है। प्रशिक्षण लेते ही शाखा ऑनलाइन हो जाएगी। इसके बाद दूरदराज बैठे छात्रों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, माइग्रेशन की सुविधा मिलेगी। उन्हें विवि के चक्कर काटने की जरूरत नहीं रहेगी। विवि के एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) के तहत शाखा को ऑनलाइन किया जा रहा है। ईआरपी प्रोजेक्ट इंचार्ज मुकेश शर्मा ने माना कि जल्द ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, माइग्रेशन की सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास है। कार्य अंतिम चरणों में है। शाखा के सहायक कुलसचिव तेजराम शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों को जल्द प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अब तक यह रहती थी प्रक्रिया
विवि के यूजी, पीजी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स करने वाले लाखों छात्रों का विवि में रजिस्ट्रेशन होता है। यदि छात्र दूसरे विवि से कोई डिग्री या कोर्स करना चाहता है तो उसे एचपीयू से माइग्रेशन लेना होता है। अब तक छात्र स्वयं विवि की रजिस्ट्रेशन माइग्रेशन शाखा में फार्म भरकर और तय फीस जमा करवाकर आवेदन करते हैं। जरूरत पड़ने पर विवि एक या दो दिन में भी माइग्रेशन उपलब्ध करवाता रहा है। यूजी और पीजी के परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद रोजाना औसतन 150 से 200 छात्र माइग्रेशन लेने आते हैं। ऑफ सीजन में यह संख्या 20 से 30 तक रहती है।
ऑनलाइन ही आवेदन और फीस होगी जमा
रजिस्ट्रेशन और माइग्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन करने पर छात्र कहीं से भी आवेदन और पेमेंट गेटवे के माध्यम से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड से फीस जमा करवा सकेंगे। उसे ऑनलाइन ही माइग्रेशन सर्टिफिकेट मिलेगा। इसकी मूल प्रति विवि अलग से छात्र के पते पर या संबंधित संस्थान में भेजेगा।