सीएसजेएमयू (प्रतीकात्मक तस्वीर )
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कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से संबद्ध महाविद्यालयों से बीएड करने वाले हजारों छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन की गलती का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस साल ये छात्र एमएड में एडमिशन नहीं ले पाएंगे जबकि तमाम महाविद्यालयों में एमएड की काफी सीटें खाली हैं।
छात्रों का आरोप है कि उनकी परीक्षाएं भी देरी से विश्वविद्यालय ने कराई और परिणाम भी देर से जारी किया गया। इसके चलते उनका एक साल बर्बाद हो रहा है। जून में हुई एमएड प्रवेश परीक्षा में छात्र इसलिए नहीं बैठ पाए क्योंकि रिजल्ट ही परीक्षा बीत जाने के बाद जारी किया गया।
ऐसे में छात्रों ने सीधे दाखिले की मांग की तो उसे भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया। तर्क दिया कि एमएड में वही छात्र दाखिला ले सकता है जिसने प्रवेश परीक्षा दी हो। ऐसे में इन छात्रों को इस बार एडमिशन नहीं दिया जा सकता है।
रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के अध्यादेश में यह स्पष्ट है कि कोई भी अपीयरिंग छात्र एमएड की प्रवेश परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता। छात्र मांग कर रहे हैं कि इस नियम को बदला जाए। इस पर विचार करके आगे कोई फैसला लिया जाएगा। फिलहाल पूर्व नियम के तहत ही कार्य होंगे।