हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुपचुुप तरीके से छात्रावास फीस में सालाना चार सौ रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। पुराने छात्रों से वसूली भी शुरू कर दी गई है। इसका छात्र संगठन ने विरोध किया है। चेताया है कि फैसला वापस न लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा। कई सालों से छात्र संगठनों के विरोध के चलते सालाना दस फीसदी बढ़ोतरी को टाला जाता रहा था।
अब कुलपति की मंजूरी के बाद इसी सत्र से इसे लागू भी कर दिया गया है। इससे प्रदेश भर के दूर दराज क्षेत्रों से उच्च शिक्षा लेेने विवि के छात्रावासों में रह रहे छात्रों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पूर्व में जो सामान्य वर्ग का छात्र सालाना छात्रावास शुल्क के रूप में 3960 रुपये अदा कर रहा था, अब उसे 408 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 4368 रुपये देने होंगे।
वहीं आरक्षित श्रेणी एससी और एसटी से संबंध छात्रावास सुविधा लेने वाले छात्र छात्राओं से रूम रेंट पर कोई पैसा नहीं बढ़ाया गया है, मगर इसमें 287 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बाद अब सालाना फीस के रूप में 3203 रुपये अदा करने पड़ रहे हैं।
एसएफआई करगी विरोध
इधर, एसएफआई की विवि इकाई ने गुपचुप तरीके से की गई इस फीस बढ़ोतरी और छात्रों पर आर्थिक बोझ डाले जाने के फैसले का पुरजोर विरोध किया है। इकाई अध्यक्ष जीवन ठाकुर और सचिव अनिल नेगी ने कहा कि फैसला तुरंत वापस न लिया गया तो एसएफआई छात्रावासों में रहने वाले और आम छात्रों को साथ लेकर इसके विरोध में उतरेगी।
15 हॉस्टलों में रह रहे 1650 छात्र-छात्राएं
विवि के 15 छात्रावासों में से दस में करीब 1100 छात्राएं रह रही हैं, जबकि चार में 550 के करीब छात्र रह रहे हैं। अभी एचपीयू ने पहले से छात्रावासों में रह रहे छात्र-छात्राओं से नए सत्र के लिए कंटीन्यूशन फीस तीन जुलाई तक जमा करवाने का नोटिस जारी किया है। चीफ वार्डन कार्यालय में यह फीस लेना भी शुरू कर दी गई है।
वीसी की मंजूरी के बाद की बढ़ोतरी
विवि के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. कं वलजीत सिंह ने माना कि कुलपति की स्वीकृति के बाद छात्रावासों की वार्षिक फीस में दस फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जो इसी सत्र से लागू होगी।