राज्य विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की कमी करने को लेकर गठित की गई कमेटियों पर कर्मचारी यूनियन भड़क गई है। शुक्रवार को यूनियन के पदाधिकारियों ने इस मामले को बोर्ड के लेकर प्रबंध निदेशक जेपी काल्टा से मुलाकात की और इन कमेटियों को भंग करने की मांग की।
यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कर्मचारियों को दूसरा रास्ता अपना पड़ेगा। राज्य विद्युत बोर्ड यूनियन के महासचिव हीरा लाल ने बताया कि इन कमेटियों में श्रेणी विशेष के अधिकारियों को रखा गया है।
यह अधिकारी अपनी श्रेणी के कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी की सिफ ारिश कर रहे हैं और अन्य श्रेणी में कटौती की सिफारिश कर रहे है। उल्लेखनीय है कि बोर्ड अध्यक्ष ने पिछले दिनों बिजली बोर्ड में उत्तराखंड की तर्ज पर कर्मचारियों की संख्या कम करने बारे कमेटियों का गठन किया गया।
जिससे कर्मचारियों मे भारी रोष पनपा रहा है। यूनियन का आरोप है कि उत्तराखंड में बोर्ड का सारा कार्य ठेके पर चलाया जा रहा है जबकि हिमाचल बिजली बोर्ड सारा कार्य अपने कर्मचारियों के माध्यम कर रहा है और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान कर रहा है।
यूनियन ने कमेटियों को भंग करने के लिए बोर्ड प्रबंधन को नोटिस भी दिया। बोर्ड महासचिव हीरालाल ने कहा कि ग्रेड पे विसंगतियों को दूर करने के लिए प्रबंधन को अवगत कराया गया है। इस मसले का हल नहीं किया गया तो 8 जनवरी, 2019 को यूनियन प्रदेश में मुख्य अभियंता, वृत्त और मंडल स्तर पर धरना-प्रदर्शन होगा।