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हिमाचल में ऐसा होगा जयराम ठाकुर का मंत्रिमंडल, इनको मिलेगा मौका

Tue, 26 Dec 2017 01:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के अगले मुख्यमंत्री का चेहरा तय करने बाद अब भाजपा में मंत्रियों का नाम तय करने पर माथापच्ची तेज हो गई है। जयराम के मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मौका मिलेगा, जिससे कई वरिष्ठ विधायकों का पत्ता कट गया है। 
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पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक सोमवार को भावी मुख्यमंत्री जयराम के बाद संभावित मंत्रियों की सूची तय हो गई। धूमल अपने खेमे के पांच विधायक मंत्रिमंडल और सीपीएस का पद चाहते हैं। वे दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। 

मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय संतुलन और शांता और धूमल कैंप को साधने की चुनौती को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व सीएम समेत 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल का आकार छोटा रखने के फार्मूले पर भी विचार कर रहा है। 
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संभावना है कि अगर सभी धड़ों में बात नहीं बनी तो छोटे आकार का मंत्रिमंडल ही 27 को शपथ लेगा। भाजपा मंत्रिमंडल में पहले काम कर चुके कुछ पूर्व मंत्रियों को वेटिंग में रखा जा सकता है।

केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा मंत्रीमंडल का आकार

सूबे में मंत्रियों के नाम को लेकर चल रही खींचतान के बीच भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व आज प्रदेश मंत्रिमंडल का आकार और चेहरे तय कर देगा। हर जिले को प्रतिनिधित्व देने, क्षेत्रीय संतुलन बैठाने के साथ शांता, नड्डा और धूमल खेमे को भी साधना है।

रविवार को मुख्यमंत्री के नाम के एलान से पहले ही केंद्रीय नेतृत्व ने करीब दो दर्जन विधायकों के प्रोफाइल प्रदेश से मंगवाए थे। इनमें कुछ पूर्व मंत्रियों के अलावा कई युवा व नए विधायक शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार कई पूर्व मंत्रियों के पत्ते कटने की संभावना है, वहीं कई ऐसे हैं, जिनकी पहली जीत पर ही लॉटरी लग सकती है। केंद्रीय संगठन का ज्यादा जोर 2019 के लोकसभा चुनाव पर है।

ऐसे में युवाओं, महिलाओं, जनजातीय, अनुसूचित जाति और क्षेत्रीय जैसे सभी समीकरण पर ध्यान रखा जाएगा। 27 को शपथ ग्रहण समारोह होना है। ऐसे में उससे एक दिन पहले ही पार्टी पूरी कैबिनेट तय कर मोदी के सामने ही शपथ दिलाने की कवायद कर रही है।

फॉर्मूला चला तो कटेंगे कई नाम

भाजपा बंपर जीत दर्ज करने वाले राज्यों उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश में मंत्रिमंडल को लेकर चली खींचतान के चलते उसका आकार छोटा रखने का फॉर्मूला लागू कर चुकी है। हिमाचल में भी कमोबेश ऐसी स्थिति बनती दिख रही है।

संघ की पसंद जिस तरह मुख्यमंत्री नाम तय करने में चली है, उससे परखे हुए फॉर्मूले को मंत्रिमंडल तय करने में भी प्रभावी बनाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार सात से नौ मंत्रियों का नाम तय किये जाएंगे, जबकि शेष पदों को बाद में भरने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। असंतुष्ट खेमों को शांत करने के लिए सीपीएस पद से नवाजा जाएगा।
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ये हैं मंत्रिपद के प्रबल दावेदार

जिला कांगड़ा से दावेदारों में विपिन परमार, किशन कपूर, सरवीण चौधरी, रमेश धवाला और राकेश पठानिया हैं। इनमें अधिकतम तीन नाम मंत्रिमंडल में आएंगे। दूसरे सबसे बड़े जिले मंडी और कुल्लू से पंडित सुखराम के बेटे अनिल शर्मा, महेंद्र सिंह, गोविंद ठाकुर और कर्नल इंद्र सिंह ठाकुर दावेदार हैं,

जिसमें अनिल की दावेदारी मजबूत है। शिमला जिले से सुरेश भारद्वाज और नरेंद्र बरागटा में से किसी एक को मौका मिलेगा। सिरमौर और सोलन से राजीव बिंदल, राजीव सहजल और सुखराम चौधरी में से एक होगा। बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर से दावेदारों में वीरेंद्र कंवर और कमलेश कुमारी हैं। युवाओं में रीता धीमान, हंसराज, विनोद कुमार, रामलाल मार्कंडेय आदि रेस में हैं। 

जयराम ने दिए युवा चेहरों का संकेत
मंत्रिमंडल के आकार और चेहरों को लेकर भावी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने संकेत दिए हैं कि युवा चेहरों को मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रिमंडल में नएपन और अनुभवी चेहरों को समावेश रहेगा। उन्होंने मंत्रिमंडल के साथ उनकी शपथ होने के सवाल पर कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद ही मंगलवार तक मंत्रिमंडल पर स्थिति साफ हो पाएगी।
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