हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार झारखंड विधानसभा चुनाव की वजह से लटक गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को कहा कि झारखंड में विधानसभा चुनाव से निपटने के बाद ही इसके बारे में विचार होगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि किसको मंत्री बनाना है, इस बारे में अभी कुछ तय नहीं है। इस पर हाईकमान से चर्चा के बाद ही फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह बात बुधवार को तपोपन स्थित हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में अमर उजाला से विशेष बातचीत में कही। वर्तमान में जयराम मंत्रिमंडल में मंत्रियों के दो पद खाली चल रहे हैं।
मंडी सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा को दोबारा मंत्री बनाए जाने की अटकलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस सवाल को मुस्कराकर टालते हुए कहा कि अभी कुछ तय नहीं है। उन्होंने मंत्री पद के उम्मीदवारों की कोई सूची या पैनल बनाने से भी इंकार करते हुए इस संबंध में अपने पत्ते नहीं खोले। यह मालूम रहे कि हिमाचल विधानसभा के शीत सत्र में भी इन दिनों कई वरिष्ठ भाजपा विधायक सीएम जयराम की तारीफों के पुल बांध रहे हैं।
इनमें से कई मंत्री पद की दौड़ में माने जा रहे हैं। मंत्रियों की इन रिक्तियों को भरने पर विपक्ष भी सत्तारूढ़ दल पर बार-बार तंज कस रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने झारखंड चुनाव के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की बात कर इतना साफ कर दिया है कि आगामी एक-दो हफ्तों में इस बारे में वह कोई निर्णय लेने वाले नहीं हैं। झारखंड में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया 23 दिसंबर को पूरी हो रही है।
27 दिसंबर को जयराम सरकार का शिमला के रिज मैदान पर दो साल का जश्न है, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान अमित शाह से मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं। झारखंड चुनाव प्रचार में हाईकमान की व्यस्तता के चलते मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा इन दिनों संभव नहीं है। ऐसे में यह संभव है कि सरकार के दो साल के जश्न के निपट जाने के बाद अगले साल ही मुख्यमंत्री इस पर कोई फैसला लें।