वहीं, हिमाचल प्रदेश में दो दिन ठेकेदारों की हड़ताल से 60 करोड़ के काम प्रभावित हुए हैं। इसमें शिवधाम, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, मिनी सचिवालय, सड़कों और डंगों के काम शामिल हैं। हड़ताल खत्म होने के बाद आज से इन कार्यों को गति मिलेगी। कैबिनेट की बैठक में ठेकेदारों को राहत देने के बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, गोविंद ठाकुर और रामलाल मारकंडा लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव शुभाशीष पांडा से मुलाकात की। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार की ओर से जिन प्रोजेक्टों को पूरा करने का समय निर्धारित किया है, वह उसी समय में पूरा होगा। हिमाचल में गुणवत्ता वाला काम होगा।
हिमाचल ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कुमार बिज ने कहा कि नियम सख्त होने से ठेेकेदारों को राशि का भुगतान नहीं हो रहा था। जिन ठेेकेदारों के पास डब्ल्यूएक्स फार्म नहीं होगा, उन्हें 25 फीसदी जुर्माना लगेगा, लेकिन विभाग की ओर से राशि को नहीं रोका जा सकेगा। पहले भी हिमाचल में यही व्यवस्था थी, लेकिन दो महीने से नियमों में सख्ती की गई। इसमें कहा गया कि जब तक विकास कार्यों के सभी डब्ल्यूएक्स फार्म जमा नहीं होंगे, राशि जारी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में ठेकेदारों की करोड़ों की राशि विभाग के पास फंसी पड़ी है। जिसका भुगतान हो सकेगा। यूनियन के महासचिव राजेश सुमन ने कहा कि जिलों में सभी यूनियन को काम पर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताया है।