शिमला। शिमला जिले के निजी बस ऑपरेटरों को पहली सितंबर से पुराने रूट परमिटों पर ही बसों का संचालन करना होगा। न्यायालय के आदेशों पर परिवहन विभाग ने जिले के 53 बस ऑपरेटरों को नोटिस जारी कर एक सितंबर से पुराने रूटों पर ही बसें चलाने के निर्देश जारी किए हैं। ऐसा न करने की स्थिति में बस ऑपरेटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि 11 जून 2018 और 3 जनवरी 2019 को हुई सड़क परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) शिमला की बैठक में 101 रूट परमिटों में संशोधन को मंजूरी दी गई थी। पॉलिसी को दरकिनार कर रूट परमिट में संशोधन का आरोप लगाते हुए बस ऑपरेटर वीरेंद्र गुलेरिया कोर्ट चले गए। न्यायालय के आदेशों पर 2 नवंबर 2019 को आयोजित आरटीए की बैठक में परिवहन विभाग ने 53 रूटों में किए गए संशोधन को निरस्त कर दिया। मोटर व्हीकल एक्ट और रूट परमिट पॉलिसी के तहत निजी बसों के रूट परमिटों में 24 किलोमीटर से अधिक विस्तार नहीं दिया जा सकता, बावजूद इसके रूट परमिट 50 से 70 किलोमीटर तक बढ़ा दिए गए थे।
नियमों के खिलाफ ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों को राजधानी शिमला से तब्दील कर दिया गया जबकि, शिमला शहर से कोई भी नया परमिट जारी नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने परिवहन विभाग को 2 नवंबर 2019 को आरटीए की बैठक में लिए गए रूट परमिट निरस्त करने के फैसले को लागू करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के आदेशों पर अब परिवहन विभाग ने सभी 53 निजी बस ऑपरेटरों को पहली सितंबर से पुराने रूटों पर ही बसें चलाने को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं।
53 बस ऑपरेटरों को जारी किए हैं नोटिस : आरटीओ
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला दिलेराम धीमान ने बताया कि जिले के 53 निजी बस ऑपरेटरों को नोटिस जारी कर एक सितंबर से पुराने रूटों पर ही बसों के संचालन के निर्देश दिए गए हैं। मनमाने रूटों पर बसें चलाने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग कार्रवाई करेगा।
ऐसे संशोधित किए गए रूट परमिट
2018 और 2019 में आयोजित आरटीए की बैठकों में शिमला-बहालीधार रूट को संशोधित कर शिमला-रोहड़ूू, शिमला-हिमरी को शिमला-शरौंथा, अलावग-शिमला को अलावग-सोलन, थरमी-शिमला-1 आरटी (रूट परमिट) परमिट को शिमला-रिकांगपिओ-2 आरटी, रेवग-रामपुर वाया भुट्टी को रामपुर-शिमला-1 आरटी में तब्दील कर दिया गया। इसी तर्ज पर पॉलिसी को दरकिनार कर कुल 53 रूट परमिटों को संशोधित कर दिया गया था।