बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर प्रस्तावित हवाई अड्डे को बल्ह की जगह जाहू में बनाने की मांग की। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष प्रेमदास चौधरी की अध्यक्षता में मिले प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को कहा कि पांच वर्ष तक पूर्व जयराम सरकार हवाई अड्डे को उपजाऊ जमीन पर बनाने पर अडी रही, जबकि सामाजिक मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार हवाई परियोजना के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी/हमीरपुर के बीच वैकल्पिक भूमि जाहू को उपयुक्त माना गया है।
बल्ह तीन जिलों मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर को जोड़ता है। वहां पर ज्यादातर भूमि बंजर और कम उपजाऊ है। इसमें 80 फीसदी भूमि सरकारी और 20 फीसदी भूमि निजी है। समिति के सचिव नंदलाल वर्मा ने कहा कि सामाजिक सर्वे के आधार पर 100 फीसदी लोगो ने जमीन के सर्कल रेट को नकारते हुए बाजार भाव के आधार पर अपनी भूमि देने की शर्त रखी है, जबकि प्रचार किया जा रहा है कि ज्यादातर लोग अपनी जमीन देने के लिए सहमत हो गए हैं, जो सरासर झूठ है। बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति ने कहा कि उपजाऊ जमीन को बचाया जाए। सामाजिक प्रभाव रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित हवाई अड्डे के वैकल्पिक स्थान के बारे में विचार करे।