हिमाचल प्रदेश में अब पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों की मरम्मत अवधि छह व सात साल से घटाकर तीन साल की है। इसके अलावा इस वर्ष प्रदेश में 1600 किलोमीटर वाहन योग्य सड़कें, जबकि 75 नए पुलों का निर्माण होगा। इससे प्रदेश की 20 पंचायतों, 80 गांवों और 22 आबादियों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इन लक्ष्यों की पूर्ति से प्रदेश में वाहन योग्य सड़कों की लंबाई 40 हजार से अधिक व पक्की सड़कों की लंबाई 34 हजार किलोमीटर हो जाएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को चुनावी बजट में इसकी घोषणा की है।
20 पंचायतें होंगे लाभान्वित
प्रदेश सरकार इस वर्ष 20 पंचायतों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। हिमाचल में 3615 पंचायतें हैं। इनमें से 3556 पंचायतें सड़क सुविधा से जुड़ चुकी हैं। शेष 59 में से 20 पंचायतों को इस वर्ष सड़क सुविधा से जोड़ा जाना है। वर्तमान प्रदेश में 39 हजार किलोमीटर वाहन योग्य सड़कें हैं। जिसमें से 32 हजार के करीब किलोमीटर सड़कें पक्की हैं।
1500 किलोमीटर लंबी सड़कें, 23 पुलों का होगा निर्माण
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 1500 किलोमीटर लंबी सड़कों और 23 नए पुलों के निर्माण की घोषणा की है। इसमें 300 किलोमीटर लंबी नई सड़कें और 1200 किलोमीटर लंबी सड़कों का उन्नयन किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में 315 किलोमीटर क्रॉस ड्रेनेज की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 22 आबादियों को सड़क से जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चरण तीन के तहत 440 किलोमीटर लंबी 45 सड़कों का प्रस्ताव भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। शेष सड़कों डीपीआर जून महीने में केंद्र को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी।
110 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय उच्च मार्गों के रखरखाव पर खर्च होंगे 700 करोड़
हिमाचल में इस वर्ष 110 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय उच्च मार्गों के रखरखाव पर 700 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में 2592 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय उच्च मार्ग हैं। जिसमें से 1238 राष्ट्रीय उच्च मार्ग लोक निर्माण विभाग के पास है। प्रदेश में 60 किलोमीटर लंबी सड़कों पर ब्लैक स्पॉट सुरक्षित किए जाएंगे
नाबार्ड के तहत 395 सड़कें होंगे पक्की, 25 पुल बनेंगे
हिमाचल में नाबार्ड के आरआईडीएफ के तहत 395 किलोमीटर सड़कों को पक्का और 25 पुलों का निर्माण किया जाएगा।