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हिमाचल: 100 साल की जरूरतों के अनुसार बनेंगे पुल, चौड़ाई भी बढ़ेगी, विभाग ने तैयार की डीपीआर

Thu, 20 Aug 2026 12:13 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में प्रस्तावित 22 नए पुलों की डीपीआर तैयार कर अंतिम तकनीकी जांच के लिए आईआईटी मंडी को भेजी है। इन पुलों का डिजाइन करीब 100 साल तक स्थिरता को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
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हिमाचल लोक निर्माण विभाग। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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हिमाचल प्रदेश में अब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनने वाले पुल पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत और टिकाऊ होंगे। लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में प्रस्तावित 22 नए पुलों की डीपीआर तैयार कर अंतिम तकनीकी जांच के लिए आईआईटी मंडी को भेजी है। इन पुलों का डिजाइन करीब 100 साल तक स्थिरता को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। अभी तक सामान्य तौर पर पुलों का निर्माण 40 से 50 साल की उम्र को ध्यान में रखकर किया जाता रहा है। नए डिजाइन में पुलों की मजबूती के साथ-साथ उनकी चौड़ाई को भी 7 मीटर किया जाएगा।

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अभी साढ़े 3 मीटर पुलों की चौड़ाई होती है। प्रदेश में बारिश और बाढ़ के दौरान नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने से पुलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसे देखते हुए नए पुलों की संरचना को हिमाचल की भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। पुलों की नींव, पिलर, गर्डर और अन्य हिस्सों की क्षमता को भी अधिक मजबूत बनाने का प्रावधान किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने 22 पुलों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली है। आईआईटी मंडी के विशेषज्ञ इन डीपीआर और प्रस्तावित डिजाइन की तकनीकी जांच करेंगे। विशेषज्ञों की राय और जरूरी संशोधनों के बाद डिजाइन को अंतिम रूप देकर केंद्र को भेजा जाएगा।
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दरअसल पीएमजीएसवाई सड़कों की चौड़ाई साढ़े तीन मीटर रहती है। बाद में इन सड़कों को चौड़ा किया जाता है लेकिन पुल का साइज उतना ही रहता है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले ही पुलों की चौड़ाई बढ़ाने का फैसला लिया है। इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और आने वाले वर्षों में बढ़ते यातायात को संभालने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि पुलों के निर्माण में बहुत खर्चा आता है। 8 से 10 करोड़ रुपये में पुल का निर्माण होता है। नए डिजाइन में पुलों की लंबी उम्र, सुरक्षा और क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी। आईआईटी मंडी से तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद इन 22 पुलों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल में भविष्य को ध्यान में रखते हुए पुलों का निर्माण होगा। पुलों के नए डिजाइन तैयार के लिए विभाग को कहा गया है।
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