हिमाचल भाजपा कोर ग्रुप की दो दिवसीय बैठक में प्रदेश नेतृत्व को साफ कर दिया गया है कि प्रत्याशी चयन की पूरी प्रक्रिया केंद्रीय नेतृत्व के सर्वेक्षणों पर आधारित रहेगी। केवल जिताऊ चेहरे ही प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे। अगर ग्राउंड पर कमजोर प्रदर्शन रहा है तो दावेदारों के टिकट कटेंगे। बैठक में अंदरूनी खेमेबाजी से बचने की हिदायत दी गई है। प्रदेश नेतृत्व को अवगत करवाया गया है कि युवाओं के वोट प्रतिशत को देखते हुए युवा चेहरे प्राथमिकता रहेंगे।
इतना ही नहीं, पार्टी ने कांग्रेस के नेताओं के साथ निर्दलियों को बिना शर्त शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा की है। ऐसे संकेत दिए हैं कि दूसरे दलों के जिताऊ चेहरे पर भी पार्टी दांव खेल सकती है। प्रचार गतिविधियों को तेज करने के लिए कोर कमेटी से सुझाव लेने के साथ अवगत करवाया गया कि इस माह के मध्य से केंद्रीय नेताओं के हिमाचल दौरे शुरू हो जाएंगे।
दो दिवसीय बैठक में 50 प्लस के लक्ष्य पर चर्चा में प्रदेश चुनाव प्रभारी थावर चंद गहलोत, प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल, सांसद शांता कुमार, संगठन मंत्री पवन राणा, सांसद अनुराग ठाकुर, वीरेंद्र कश्यप, रामस्वरूप शर्मा, विधायक जयराम ठाकुर, राजीव बिंदल और महामंत्री विपिन परमार ने हिस्सा लिया।
धूमल शांता और नड्डा रहेंगे फ्रंट में
पार्टी के प्रचार कार्यक्रमों में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूल, शांता कुमार और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा चेहरे रहेंगे। तीनों नेताओं की प्रदेश व्यापी कार्यक्रमों में भूमिका तय की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती का रोल भी अहम होगा। सांसदों की उनके क्षेत्र में कार्यक्रम संचालित करने में ड्यूटी लगाई जाएगी।
बैठक में कुछ कांग्रेसी नेताओं के भाजपा में शामिल करने की चर्चाओं पर केंद्रीय नेतृत्व ने जानकारी ली। चर्चा है कि कांग्रेस से कुछ नेता भाजपा के संपर्क में हैं। कांगड़ा, मंडी और शिमला जिला में कुछ कांग्रेस नेताओं पर पार्टी दांव खेल सकती है। कांग्रेस के कुछ नेताओं के नामों पर भी चर्चा हुई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के बाद कांग्रेस में टूट की संभावना है।