बाबा का नाम विश्वनंद बताया जा रहा है। बाबा मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं। बाबा नौहराधार स्थित शिव मंदिर में पुजारी हैं। वह चौरास के समीप खिलग में जंगल में बनी कुटिया में रह रहे हैं। चौरास गांव की महिला शकुंतला ने बताया कि बाबा पिछले तीन दिन से बर्फ के बीच तपस्या कर रहे हैं।
माइनस तीन डिग्री तापमान में दो फीट बर्फ की परत पर बैठकर एक बाबा की तपस्या को देख लोग आश्चर्यचकित हैं। बाबा को शिव का भक्त बताया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में चूड़धार की तलहटी में खिलग नामक स्थान पर यह बाबा पिछले तीन दिन से बर्फ के बीच तपस्या कर रहे हैं। लोगों को उनकी तपस्या के बारे में तब पता चला, जब चौरास गांव का एक व्यक्ति उधर से गुजर रहा था। व्यक्ति की नजर तपस्या में लीन बाबा पर पड़ी तो वह उस नजारे को देख कर दंग रह गया। बाबा आंखें बंद किए तपस्या की मुद्रा में थे।
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बाबा का नाम विश्वनंद बताया जा रहा है। बाबा मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं। बाबा नौहराधार स्थित शिव मंदिर में पुजारी हैं। वह चौरास के समीप खिलग में जंगल में बनी कुटिया में रह रहे हैं। चौरास गांव की महिला शकुंतला ने बताया कि बाबा पिछले तीन दिन से बर्फ के बीच तपस्या कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले लोगों ने बर्फ के बीच तपस्या करते हुए कभी भी कोई साधु अथवा संत को नहीं देखा है। इससे पहले सिर्फ फिल्मों व धारावाहिकों में ही साधु संतों को इस तरह की तपस्या करते देखा है।