हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में जोरावर स्टेडियम सिद्धबाड़ी में इस बार धरना-प्रदर्शन नहीं होंगे। इसके लिए मेला ग्राउंड दाड़ी को चिह्नित किया गया है। यहीं से प्रतिनिधिमंडलों के कुछ चुनिंदा लोग शटल बसों से विधानसभा परिसर तपोवन भेजे जाएंगे। धरना-प्रदर्शन के लिए जोरावर स्टेडियम जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों को रास्ते में रोक दिया जाएगा। शुक्रवार से तपोवन में पांच दिवसीय शीत सत्र शुरू हो रहा है। कोविड-19 और नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के बीच शीत सत्र के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सुरक्षा-व्यवस्था को चाकचौबंद रखा गया है। पहली बार विरोध प्रदर्शन करने के लिए विधानसभा भवन से करीब पांच किमी दूर मेला ग्राउंड दाड़ी को चिह्नित किया गया है। यहीं लोगों सहित सत्ता और विपक्ष के लोग रैलियां कर सकेंगे। उनकी मांगें मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिनिधिमंडलों के चुनिंदा तीन-चार लोगों को ही जाने की अनुमति होगी। उन्हें अपनी गाड़ियों में न भेजकर दाड़ी मेला ग्राउंड से शटल बसों से तपोवन भेजा जाएगा। जोरावर स्टेडियम से वही व्यक्ति आगे जा सकेगा, जिसके पास विधानसभा परिसर में जाने के लिए प्रशासन से जारी पास होगा।
जोरावर स्टेडियम के बाहर भी बनेंगे पास
विधानसभा भवन के आसपास बसे गांवों और स्थानीय लोगों को अपने वाहन ले जाने के लिए पास जारी किए गए हैं। आपात स्थिति में इन क्षेत्रों में जाने के लिए आने वाले लोगों के लिए जोरावर स्टेडियम के पास ही आईकार्ड बनाने की व्यवस्था की गई है। यहां लोग आधारकार्ड दिखाकर पास बना सकेंगे।
प्रतिनिधिमंडलों को रैलियां करने के लिए मेला ग्राउंड दाड़ी को चिह्नित किया गया है। यहां से चुनिंदा लोगों को शटल बसों के माध्यम से अपनी मांग या समस्या रखने के लिए विधानसभा परिसर तपोवन के लिए भेजा जाएगा।
- डॉ. खुशहाल शर्मा, एसपी कांगड़ा