चाय बागान न बेचने और इनकी जमीन हस्तांतरित न करने के प्रावधान वाला हिमाचल प्रदेश भू जोत अधिकतम सीमा संशोधन विधेयक 2021 सदन में पारित नहीं हुआ। विधायकों की आपत्ति पर राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने भू जोत अधिकतम सीमा (संशोधन) विधेयक 2021 (2021 का विधेयक संख्यांक 6) को सेलेक्ट कमेटी में चर्चा के लिए भेजने का एलान किया। मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि कई विधायक व्यक्तिगत तौर पर भी इस मामले में उनसे मिले हैं। सभी की भावनाओं को देखते हुए अब सेलेक्ट कमेटी इस विधेयक पर अपनी राय देगी। अब यह विधेयक अगले सत्र में लाया जा सकता है।
विधेयक पर चर्चा करते हुए कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। विधेयक में संशोधन करने से कई लोगों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि चाय बागान को अपने बच्चों या ब्लड रिलेशन में बेचने की छूट दी जानी चाहिए। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि इस विधेयक को पारित करने से सरकार अपने अधिकारों पर प्रतिबंध लगा देगी। सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी इंतजार करना चाहिए। सेलेक्ट कमेटी को विधेयक भेजकर इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। भाजपा विधायक अरुण कुमार ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में भी कई छोटे बागान हैं।
लेबर की कमी के चलते यहां अब चाय नहीं उगाई जा रही है। क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए भी जगह नहीं बची है। बेरोजगार युवा दुकानें भी नहीं खोल पा रहे हैं। ऐसे में सेलेक्ट कमेटी को इस विधेयक पर चर्चा कर राहत देने का प्रावधान करना चाहिए। राजस्व मंत्री की ओर से रखे गए विधेयक के तहत हिमाचल प्रदेश भू जोत अधिकतम सीमा अधिनियम 1972 की धारा - 6 ए में राज्य सरकार की अनुमति के बिना और 7 ए की उपधारा-एक में राज्य सरकार की अनुमति के सिवाय शब्दों को हटाने का प्रस्ताव रखा गया। धारा 6 ए में प्रदेश सरकार की अनुमति के बगैर जमीन नहीं बेचे जाने और धारा 7 ए में राज्य सरकार की अनुमति के सिवाय लैंड यूज नहीं बदले जाने का प्रावधान है।
भारद्वाज ने बुटेल को भाजपा में आने का दिया न्योता
विधेयक पर चर्चा के बाद संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल पर तंज कसते हुए कहा कि इस विधेयक पर चर्चा के लिए कांग्रेस के सदस्य ही आपके साथ नहीं हैं। सदन में कांग्रेस विधायकों को होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आपको हमारी तरफ आ जाना चाहिए। जवाब में बुटेल ने कहा कि मैं कांग्रेस में रहकर खुश हूं। भाजपा में बुलावा देने के लिए आपका आभार।