बताया जा रहा है कि एक हेलिकॉप्टर में तकनीकी खामी की आशंका पायलट को हुई, जिसके चलते उसकी आपात लैंडिंग करनी पड़ी, जबकि दूसरा हेलिकॉप्टर रेस्क्यू करने के चलते साथ ही थोड़ी देर में लैंड हुआ। दोनों पायलटों ने उतरकर हेलिकॉप्टर को चेक किया और करीब 30 मिनट बाद दोनों हेलिकॉप्टर पठानकोट की ओर रवाना हो गए।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में शुक्रवार को भारतीय सेना की 9 कोर के हेलिकॉप्टर की आपात लैंडिंग से अफरातफरी का माहौल बन गया। एथलेटिक सेंटर खेल मैदान में हेलिकॉप्टर के लैंड होने से पहले प्रशासन या पुलिस को भी जानकारी नहीं थी। बताया जा रहा है कि एक हेलिकॉप्टर में तकनीकी खामी की आशंका पायलट को हुई, जिसके चलते उसकी आपात लैंडिंग करनी पड़ी, जबकि दूसरा हेलिकॉप्टर रेस्क्यू करने के चलते साथ ही थोड़ी देर में लैंड हुआ। दोनों पायलटों ने उतरकर हेलिकॉप्टर को चेक किया और करीब 30 मिनट बाद दोनों हेलिकॉप्टर पठानकोट की ओर रवाना हो गए।
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इस मैदान में दिनभर खिलाड़ी अभ्यास करते हैं, लेकिन लैंडिंग के समय मैदान खाली था। हेलिकॉप्टरों की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्रित हो गए। भीड़ को देखते हुए पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और व्यवस्था को संभाला। वैसे तो शहर के ढेलू के डोहग हेलीपैड में ही हेलिकॉप्टर लैंड होते हैं। जिसकी जानकारी दमकल विभाग और प्रशासन को भी दी जाती है, लेकिन यहां हेलिकॉप्टर की आपात लैंडिंग की सूचना किसी को नहीं थी। इसलिए क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पायलटों ने भी कोई जानकारी साझा नहीं की। जोगिंद्रनगर पुलिस थाना प्रभारी प्रीतम जरियाल ने बताया कि उन्हें जैसे ही जानकारी मिली, तभी सुरक्षा के चलते पुलिस टीम को मौके पर रवाना किया गया।
ऐसी जानकारी मिली है कि तकनीकी खराबी के चलते सेना की 9 कोर के एक हेलिकॉप्टर की आपात लैंडिंग हुई थी। दूसरा हेलिकॉप्टर भी रेस्क्यू के लिए उतरा था। हालांकि प्रशासन को इसकी सूचना नहीं मिली थी। करीब 30 मिनट बाद दोनों हेलिकॉप्टर पठानकोट की ओर रवाना हो गए।