मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के तीस जवान इंस्पेक्टर दीपक सिंह की अगुवाई में मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ की टीम ने पहले पूरे एरिया की रेकी की। उसके बाद डॉग स्क्वायड की मदद से जले हुए शवों की तलाश शुरू की। सर्च ऑपरेशन को पहली सफलता 9:45 बजे मिली। यहां पर जले हुए शरीर का हिस्सा मिला। 10:25 बजे प्रशासन ने जली हुईं दीवारों के गिरने का खतरा देख उन्हें गिराने का फैसला लिया।
जेसीबी मशीन की मदद से रस्सा बांधकर उन्हें गिराया गया। इस दौरान जगह कम होने के जले भवनों से निकले लोहे सहित अन्य सामान को ट्रैक्टर की मदद से चौगान के लिए भेजा गया। सर्च अभियान के दौरान 12:28 बजे एक हड्डी का टुकड़ा, 12:50 बजे हड्डी से चिपका हुआ मांस और 1:15 पर जले हुए शरीर का टुकड़ा मिला। इस दौरान आगजनी की चपेट में आए आसपास के भवनों का प्रशासन ने जायजा लिया और लोक निर्माण विभाग को स्ट्रक्चर डिटेल देने के निर्देश दिए।
उधर, एसडीएम अर्की निशांत तोमर ने बताया कि आग की चपेट आए भवनों से साथ लगते अन्य भवनों को खतरा न हो, इसलिए टेक्निकल विभाग को इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। अग्निकांड की चपेट में आए मकानों के आसपास के भवनों को बिजली आपूर्ति के लिए कर्मचारी डटे रहे और दोपहर तक बिजली बहाल कर दी गई।