फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: जमीन के मालिकाना हक के लिए आठ परिवारों के आवेदन रद्द

विज्ञापन
विज्ञापन
शर्त पूरी नहीं करने वाले गरीब परिवारों को नहीं मिलेगी जमीन
विज्ञापन

झुग्गी-झोपड़ी और ढारों में रहने वाले लोग 21 फरवरी, 1974 से पहले के जमीन पर कब्जे के नहीं दे पाए प्रमाण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले राजधानी के सैकड़ों गरीब परिवारों को अब जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल पाएगा। ये परिवार सरकार की ओर से शर्त पूरी नहीं कर पाए हैं। जिन आठ परिवारों ने जमीन के मालिकाना हक के लिए आवेदन किए थे, वे भी दस्तावेज की शर्त पूरी नहीं कर पाए हैं।
नगर निगम ने शहर में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब परिवारों से आवेदन मांगे थे। बीते साल दिसंबर से ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई थी। पांच महीने में शहर भर से सिर्फ आठ परिवारों ने ही आवेदन किया। हालांकि ये आठ परिवार भी पुख्ता दस्तावेज नहीं दे पाए। निगम के अनुसार ऐसे गरीब परिवार जो 21 फरवरी 1974 तक या उससे पहले से शिमला शहर में सरकारी जमीन पर कब्जा कर झुग्गी झोपड़ी या ढारा बनाकर रह रहे हैं, वह इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन

उन्हें कब्जा की गई जमीन का मालिकाना हक दिया जाना है। हालांकि शर्त यह है कि जमीन पर उनका कब्जा इस तारीख से पहले का है, इसका पुख्ता प्रमाण भी पेश करना होगा। बिल या अन्य कोई रसीद भी आवेदन के साथ दी जा सकती है। शहर में किसी भी गरीब परिवार के पास इस समयावधि का दस्तावेज नहीं मिला है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री का कहना है कि अभी तो जो भी आवेदन मिले हैं, वे शर्तें पूरी नहीं कर पाए हैं।

75 वर्ग मीटर तक जमीन का मिलना है हक
हिमाचल प्रदेश स्लमवासी अधिनियम 2022 के अनुसार इन परिवारों को कब्जा की गई 75 वर्ग मीटर तक की जमीन का मालिकाना हक दिया जाना है। खास बात यह है कि जहां तक संभव होगा, गरीब परिवारों को वहीं पर जमीन दी जाएगी। इसके अलावा बाकी जगहों पर भी निगम इन्हें जमीन आवंटित कर सकता है। पिछली भाजपा सरकार ने इस योजना को मंजूरी दी थी।
विज्ञापन


इन क्षेत्रों में ज्यादा गरीब परिवार
शिमला शहर में तीन हजार से ज्यादा गरीब परिवार ऐसे हैं जो सरकारी या वन भूमि पर कब्जा कर झोपड़ी या ढारा बनाकर रह रहे हैं। कृष्णानगर, फागली, टुटू, नाभा, लक्कड़ बाजार क्षेत्र में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है। निगम का कहना है कि लोग अभी भी प्रमाण पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें