प्रदेश के शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में दिसंबर के दौरान वार्षिक परीक्षाएं होती हैं। ऐसे में इन स्कूलों में अब 30 नवंबर से पहले ही वार्षिक समारोह करवाने होंगे। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में फरवरी-मार्च में परीक्षाएं होती हैं। इसके चलते इन स्कूलों में 31 दिसंबर से पहले समारोह करने को कहा गया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि कई स्कूलों में वार्षिक समारोह को परीक्षाओं से कुछ दिन पहले भी करवाया जाता है। इस व्यवस्था को अब बंद करने का समय आ गया है। सभी स्कूल प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को यह तय करना होगा कि निधार्रित तारीख के बाद किसी भी शिक्षण संस्थान में कोई समारोह आयोजित ना हो। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में भी 15 फरवरी 2025 से पहले ही समारोह करने होंगे। इसके बाद वार्षिक समारोह के आयोजन पर पूरी तरह से रोक रहेगी।