वे हिमाचल प्रदेश सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त, योजना, आर्थिकी एवं सांख्यिकी और 20 सूत्रीय कार्यक्रम के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली में यूआईडीएआई में डिप्टी डायरेक्टर जनरल के रूप में कार्य किया, जहां पर उन्होंने आधार के लिए नामांकन प्रणाली के डिजाइन और इसे लागू करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। यूआईडीएआई के साथ तीन साल कार्य करने के बाद उन्होंने श्रम और रोजगार मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया, जहां पर उन्हें बाल श्रम और महिला श्रम से संबंधित सभी मामलों के साथ मंत्रालय के प्रशासनिक कार्यों का जिम्मा सौंपा गया।
उन्होंने कानून व न्याय मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति के माध्यम से बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986 के संशोधन में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने ईपीएफ संशोधन पर कार्य शुरू कर लघु और मध्यम उपक्रमों के लिए संयोजन श्रम अधिनियम के लिए कार्य किया। अनिल कुमार खाची निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग, वित्त मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। वह भारतीय खाद्य निगम में मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।