संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कोविड टीकाकरण को लेकर फैलाई भ्रांति से स्कूली विद्यार्थियों को उबारने में अध्यापकों की अहम भूमिका रही। स्कूलों में टीका लगवाने से डर रहे विद्यार्थियों को अध्यापकों ने प्रोत्साहित किया। टीकाकरण से पहले भी यह बच्चों का मनोबल बढ़ा रहे हैं।
स्कूलों में वैक्सीनेशन अभियान शुरू नहीं होने से पहले विद्यार्थियों में डर था। विद्यार्थियों को वैक्सीन को लेकर साइड इफेक्ट समेत कई तरह की भ्रांतियां थी। अध्यापकों के प्रयास से बच्चों ने टीकाकरण में दिए लक्ष्य को भी पीछे कर दिया है। अब तक रिकॉर्ड 42 हजार से ज्यादा बच्चों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
तीन जनवरी से स्कूलों में कोविड से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान की शुरूआत की। इसके बाद तय आयु सीमा के तहत छात्र-छात्राओं को वैक्सीन की डोल लगाई गई। इस बीच विद्यार्थियों में उत्साह को बढ़ाने के लिए अध्यापकों ने बार-बार विद्यार्थियों को जागरूक किया।
अध्यापक सुमित कुमार ने कहा कि कोविड के बीच सबसे बड़ी चुनौती स्कूली विद्यार्थियों का टीकाकरण करवाना था। शुरूआती दौर में वैक्सीन को लेकर कई भ्रांतियां फैलाई गई। जिसे दूर करने के लिए स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया गया।
अध्यापक राजेंद्र हीरा ने कहा कि स्कूलों में वैक्सीन लगाने को लेकर विद्यार्थियों में डर का महौल देखा गया। अध्यापकों ने बच्चों को वैक्सीन के प्रभाव की सही जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों से अपने परिजनों समेत रिश्तेदारों को भी टीका लगवाने की प्रेरित करने पर जागरूकता की।
छात्र अभिषेक ने कहा कि लंबे समय तक घरों पर ही रहे। संक्रमण में राहत के बाद खुले स्कूलों में पहले दिन सबसे ज्यादा डर का माहौल था। अध्यापक सभी से मास्क लगाने, भीड़ से दूर रहने पर सख्ती दिखा रहे थे। टीकाकरण को लेकर जो भ्रम था वह अध्यापकों ने दूर किया। टीकाकरण शुरू होते ही सबसे पहले मैने वैक्सीन लगा खुद को सुरक्षित कर दिया।
छात्र विनय ने कहा कि कोविड वैक्सीन को लगाने से घबराहट हुई लेकिन अध्यापकों की प्रेरणा से टीका लगवाया। अब खुद को कोविड के बीच सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही घरों के आस-पास वैक्सीन न लगाने वालों को भी प्रेरित कर रहे हैं।
छात्र नितेश ने कहा कि कोविड वैक्सीन को लेकर फैलाई गई भ्रातियां बिल्कुल गलत थी। पहली डोज लगने के बाद अब दूसरी डोज का समय भी पूरा होने वाला है। स्कूलों में अध्यापकों ने वैक्सीन को लेकर काफी जागरूक किया।
छात्र आकाश ने कहा कि शुरुआती दौर में कोविड वैक्सीन न लगाने का मन बनाया लेकिन परिजनों समेत अध्यापकों ने वैक्सीन लगाने के लिए कहा। पहले दिन वैक्सीन लगाने के बाद आए बुखार से डर लगा लेकिन अब स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहा हूं।