ऊना जिले में 12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन की प्रक्रिया चलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रोजाना अलग अलग विद्यालयों में वैक्सीनेशन को लेकर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
दूसरी तरफ वैक्सीनेशन को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जिले में कोविड वैक्सीन के लिए 26103 बच्चों का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 25 मार्च तक 5387 बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है।
परीक्षाओं के बीच शुरू हुई वैक्सीनेशन प्रकिया जिला भर में चलाई जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से वैक्सीनेशन अभियान के दौरान बच्चों को कोरोना के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। वैक्सीनेशन के दौरान स्कूल प्रबंधन की तरफ से एक दिन पहले ही आधार कार्ड लाने के लिए बच्चों व अभिभावकों को सूचित किया जाता है ताकि वैक्सीनेशन के दौरान किसी प्रकार की कोई समस्या न हो।
बता दें कि जिला भर में इन दिनों वार्षिक परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। इसके बावजूद 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों में कोविड वैक्सीनेशन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। बच्चों का कहना है कि वैक्सीन को लेकर पहले थोड़ा डर जरूर था, लेकिन वैक्सीनेशन के बाद सारा डर खत्म हो गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू बहल ने कहा कि पांच हजार से अधिक बच्चों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। वैैक्सीनेशन को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जिले भर के उपमंडलों में रोजाना वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है।
वैक्सीन से मिला सुरक्षा कवच : सूजल कुमार
आठवीं कक्षा के सूजल कुमार का कहना है कि पहले उन्हें वैक्सीन न लगने के कारण कोरोना की चपेट में आने का डर रहता है, लेकिन अब वैक्सीनेशन बाद कोरोना से बचाव का सुरक्षा कवच मिल गया है। सभी बच्चों को जल्द से जल्द वैक्सीन लगवानी चाहिए।
वैक्सीनेशन के बाद नहीं आया बुखार : आरुषि शर्मा
आठवीं की छात्रा आरुषि शर्मा ने कहा कि यह खुशी की बात है कि बच्चों की भी अब वैक्सीनेशन की जा रही है। कहा कि वैक्सीनेशन को लेकर बुखार आने सहित अन्य दिक्कतें होने की बातें सुनी थीं, लेकिन उसे वैक्सीन की डोज लेने के बाद किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई।