कर्मचारियों को जबरन धर्मशाला भेजने का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विवि के कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने वीरवार को कुलपति कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना दिया। सुबह ग्यारह से साढ़े बारह बजे तक वीसी ऑफिस के बाहर बैठे ईसी कोर्ट के सदस्यों और गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कुलपति पर तानाशाही करने के आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को पत्राचार से वीसी के समक्ष उठाया गया। बीते रोज इक्डोल में तैनात वरिष्ठ सहायक मुंशी राम को रिजनल सेंटर धर्मशाला स्थानांतरित कर दिया था। यह मामला भी वीसी के समक्ष रखा है। उन्होंने कुलपति के व्यवहार पर भी आपत्ति जताई है। कर्मचारी प्रतिनिधियों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखते हुए बिना पद के जन संपर्क अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह वर्मा, अनुबंध आधार पर कार्यरत राघव सूद, कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) का विश्वविद्यालय मूल्यांकन शाखा से क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र धर्मशाला (कांगड़ा) तबादला कर दिया गया।
क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र धर्मशाला (कांगड़ा) के स्वीकृत पदों के अनुरूप बहुत अधिक कर्मचारी तैनात किए हैं। कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में गैर शिक्षक कर्मचारियों की भारी कमी है। उन्होंने चेताया कि इसके बावजूद यदि कर्मचारियों के हितों से जुड़ी मांगें नहीं मानी तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। धरने में गैर शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश ठाकुर, सचिव गीता राम ठाकुर, ईसी सदस्य राजकुमारी सहित अन्य कर्मचारी अधिकारी संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।