मनाली में रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग।
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हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित है सुप्रसिद्ध स्कीइंग ढलान सोलंगनाला। लगभग दो महीने तक सुनसान पड़ी ढलान पर बुधवार को रोमांच से भरा पैराग्लाइडिंग का खेल शुरू हुआ। देश के कोने-कोने से पहुंचे सैलानियों ने पैराग्लाइड की उड़ानें भरीं। ब्यास नदी में बनी रिवर राफ्टिंग साइटों पर भी राफ्टिंग शुरू होने से रौनक बढ़ गई है। दरअसल, करीब दो माह पूर्व हाईकोर्ट ने कुल्लू-मनाली के साहसिक खेलों पर प्रतिबंध लगाया। यहां संचालित होने वाली 13 प्रकार की खेलें बंद होने से हजारों लोग बेरोजगार हो गए थे। न्यायालय ने मंगलवार को पैराग्लाइडिंग, स्नो स्कूटर, एटीवी और राफ्टिंग करने की सशर्त अनुमति दी है। समय: दोपहर तीन बजे। स्थान प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट एवं स्कीइंग ढलान सोलंगनाला। मैदान में रंग-बिरंग पैराग्लाइडिंग में पर्यटक आजाद पंछी की भांति उड़ान भर रहे हैं।
कुछ लोग पैराग्लाइडिंग के लिए प्रतीक्षा करते देखे गए। सिस्सू की ओर निकले पर्यटक शाम को लौटे तो पैराग्लाइडिंग का भी लुत्फ लिया। मनाली पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र पाल ने बताया कि दोपहर बाद पैराग्लाइडिंग बहाल होने की अनुमति मिलते ही सोलंगनाला में पैराग्लाइडिंग शुरू हुई। हालांकि, पहले दिन सैलानियों की भीड़ उतनी अधिक नहीं है, लेकिन आगामी दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना है। रायसन, बबेली आदि राफ्टिंग साइटों पर भी पहले दिन काफी रौनक दिखी। करीब दो बजे के बाद ब्यास की लहरों पर साहस का यह खेल शुरू हुआ। सुनसान पड़ी राफ्टिंग साइटें पर्यटकों के पहुंचने से गुलजार हो गईं। राफ्टिंग एसोसिएशन के प्रधान श्याम अत्री ने बताया कि राफ्टिंग शुरू होने से इस कारोबार से जुडे़ युवाओं को राहत मिली है। जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम मनाली डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि आज से चार साहसिक खेलें शुरू करवा दी गई हैं।
औपचारिकताएं पूरी कर मिलेगी अनुमति
राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्नो स्कूटर, एटीवी चलाने की जिन्हें अनुमति नहीं मिली है, उन्हें तमाम औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद तकनीकी कमेटी निरीक्षण करेगी और उनके नामों की सिफारिश सरकार को भेजेगी। सरकार के माध्यम से यह मामला अदालत में उठाया जाएगा। इसके बाद उन्हें भी अनुमति मिल सकती है।
- डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, जिला पर्यटन अधिकारी।